पटना, जया कुमारी : बिहार के सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर जल्द ही पैनिक बटन लगाए जाएंगे। आपात स्थिति, दुर्घटना या किसी वारदात में इस बटन को दबाते ही सूचना सीधे डायल-112 को चली जाएगी और पुलिस व राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचेंगे। यह जानकारी ADG तकनीकी सेवाएं एवं संचार अमित लोढ़ा ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में प्रेस वार्ता में दी।
रोज 6500 लोगों को मिल रही आपात सेवा
ADG ने बताया कि डायल-112 पर रोजाना औसतन 6500 कॉल आते हैं। 6 जुलाई 2022 को शुरू होने के बाद अब तक 55 लाख से ज्यादा लोगों को सेवा दी जा चुकी है। इसमें घरेलू हिंसा, महिला अपराध और बच्चों से जुड़े 4.69 लाख से अधिक मामलों में तुरंत मदद पहुंचाई गई।
11 मिनट है रिस्पांस टाइम, और कम होगा
वर्तमान में डायल-112 का रिस्पांस टाइम 11 मिनट है। ADG ने कहा कि आने वाले दिनों में इसका दायरा बढ़ाने के साथ रिस्पांस टाइम और कम करना प्राथमिकता है। पिछले साल की तुलना में क्षमता 15% बढ़ी है। इसे देश की अग्रणी आपात सेवा बनाने के लिए प्रशिक्षित मानव बल और गाड़ियां बढ़ाई जाएंगी।
1833 वाहन, जल्द और बढ़ेंगे
अभी डायल-112 के बेड़े में 1833 वाहन हैं, जिनमें 1283 चार पहिया और 550 दो पहिया शामिल हैं। ADG ने कहा कि नेक्सट जेनरेशन इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम में GIS मैपिंग, एनालिसिस रिपोर्ट, पैट्रोलिंग मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और फीडबैक सिस्टम जैसी अंतरराष्ट्रीय तकनीकें जोड़ी जा रही हैं। भविष्य में CCTNS, रेलवे, NHAI और पथ परिवहन विभाग को भी इससे लिंक किया जाएगा।
अपराध में आई कमी, डायल-112 की बड़ी भूमिका
राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो के मुताबिक पिछले एक साल में हत्या में 22%, लूट में 38% और महिलाओं के खिलाफ अपराध में 21% की कमी आई है। ADG ने कहा कि इसमें डायल-112 की भूमिका अहम है।
डायल-112 का रिपोर्ट कार्ड:
- स्थानीय विवाद-मारपीट: 29.97 लाख से अधिक मामलों में मदद
- सड़क दुर्घटना: 2.39 लाख से अधिक घायलों को तुरंत सहायता
- अगलगी: 1.30 लाख से अधिक मामलों में फायर ब्रिगेड भेजी गई
- महिला-बच्चे अपराध: 4.69 लाख से ज्यादा मामलों में त्वरित कार्रवाई
प्रेस वार्ता में डायल-112 के DIG और SP भी मौजूद रहे।
