फुलवारीशरीफ, अजित। पटना में संपतचक प्रखंड मुख्यालय परिसर में बुधवार को पाटलिपुत्र सेटेलाइट टाउनशिप एवं भूमि निबंधन पर राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में किसानों ने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. धरना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. किसानों ने प्रस्तावित सेटेलाइट टाउनशिप योजना तथा भूमि की रजिस्ट्री पर लगी रोक को वापस लेने की मांग की. इससे पहले पूरे संपतचक के प्रमुख मार्गों पर विशाल जुलूस का आयोजन किया गया।
जमीन बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी देवकुमार सिंह ने की, जबकि संचालन जितेंद्र सिंह ने किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार की नीतियों से किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि पर संकट उत्पन्न हो गया है. किसानों का आरोप था कि उनकी सहमति के बिना भूमि से जुड़े फैसले लिए जा रहे हैं, जिसका वे पुरजोर विरोध करते हैं। धरना को संबोधित करते हुए पूर्व मुखिया उमेश सिंह, संजीव शरद उर्फ गुड्डू सिंह, रामकेवल सिंह, संजय सिंह एवं अरविंद सिंह ने कहा कि किसान अपनी जमीन की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे. वक्ताओं ने कहा कि सरकार को 55-45 प्रतिशत भूमि पूलिंग व्यवस्था और भूमि अधिग्रहण से संबंधित निर्णयों पर पुनर्विचार करना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
धरनार्थियों ने मांग की कि प्रस्तावित टाउनशिप के लिए चिन्हित उपजाऊ कृषि भूमि को कृषि विकास के लिए सुरक्षित रखा जाए. साथ ही भूमि की बंद रजिस्ट्री को तत्काल चालू किया जाए और भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन से संबंधित मामलों में वर्ष 2013 के कानून का पूरी पारदर्शिता के साथ पालन सुनिश्चित किया जाए। कार्यक्रम के दौरान किसानों ने “जमीन हमारी, अधिकार हमारा” तथा “किसान विरोधी नीतियां वापस लो” जैसे नारों के साथ अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे अपनी जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
