डॉक्टरों पर हमले और बाबा रामदेव द्वारा अपमानजनक टिप्पणी को लेकर एम्स में चार घंटे ओपीडी ठप्प!

फुलवारीशरीफ(अजित यादव): योग गुरु बाबा रामदेव की तरफ से एलोपैथी को लेकर दिए गए अपमानजनक बयान और चिकित्सकों पर लगातार हो रहे हमले के विरोध में आंदोलन का बिगुल फूंकते हुए पटना एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन और जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने शांतिपूर्ण काला बिल्ला लगाकर प्रदर्शन किया ।  बाबा रामदेव के दिए गए बयान और डॉक्टरों की सुरक्षा की मांग को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन के दौरान एम्स पटना के ओपीडी सेवा सुबह 9 बजे से एक बजे तक कार्य बहिष्कार किया गया । हालांकि कोरोना मरीजों के ईलाज पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा । वहीं 4 घंटे के आहूत अस्पताल में ओपीडी बंद करने को लेकर स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई  । इस दौरान मरीजो के इलाज कराने आये लोगों को भटकना पड़ा । पटना एम्स रेजिडेंट ड़ॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ विनय कुमार ने बताया कि लगातार डॉक्टरों चिकित्साकर्मियों पर हो रहे हमलों में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। ऐसे माहौल में ड़ॉक्टर्स कैसे काम कर पाएंगे। इस विकट हालात के बीच बाबा रामदेव ने एलोपैथी चिकित्सा के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की और ड़ॉक्टर्स को अपमानित किया लेकिन उनके खिलाफ कई थानों में मामला दर्ज होने के बावजूद कोई करवाई नही हो रही है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि डॉक्टर अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों का इलाज करते रहे हैं इसके बावजूद भी डॉक्टरों पर आपत्तिजनक बयान देकर बाबा रामदेव ने डॉक्टरों को अपमानित करने का काम किया है । बीते दिनों में डॉक्टरों पर जो हमले हुए है उससे हम चिकित्सकों का मनोबल घटता है। हम हिंसा के डर से मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज नहीं कर पा रहे है । इसका परिणाम गरीब मरीजों को झेलना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार डॉक्टरों पर बदसलूकी करने और नर्सिंग होम में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ एक सख्त कानून बनाए और उन्हें सख्त से सख्त सजा देने का प्रावधान बनाएं । सरकार से आग्रह है की ढोंगी बाबा को तत्काल गिरफ्तार किया जाए । डॉ विनय ने कहा कि इस मामले को लेकर एक टि्वटर स्ट्रोम भी चलाया गया है । डॉ विनय ने कहा कि सरकार से अनुरोध है की स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्यस्थल पर हुए हमले को उचित आईपीसी और सीआरपीसी धाराओं में शामिल करके आगामी होने वाली घटनाओं में फास्ट ट्रैक सुनवाई के साथ साथ गैरजमानती धाराओं में करवाई किया जाए और स्वास्थ्य केंद्रों को सुरक्षित छेत्र घोषित किया जाए । यदि सरकार इन मांगों पर अविलंब विचार नहीं करती है तो देशव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा । इस सामूहिक प्रोटेस्ट में डॉ विनय कुमार-प्रेसीडेंट आरडीए,डॉ राशिद अनवर-सचिव आरडीए,डॉ अमृता-सह सचिव आरडीए,डॉ नीरज, डॉ सालिक,डॉक्टर विवेक , डॉक्टर राजेश,डॉक्टर  शिव किशोर ,आरडीए  वाइस प्रेसिडेंट समेत अन्य शामिल रहे।