कोरोना महामारी के कारण व्यवसायियों की कठिनाईयों का सरकार रख रही है ध्यान

 कोरोना महामारी के कारण व्यवसायियों की कठिनाईयों का सरकार रख रही है ध्यान
Advertisement

पटना(न्यूज़ क्राइम 24): वाणिज्य-कर विभाग के सभागार में बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, अखिल भारतीय ईंट एवं टाइल निर्माता महासंघ और बिहार ईंट निर्माता संघ के प्रतिनिधियों के साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने समीक्षा बैठक की।

Advertisement

उन्होंने कहा कि वाणिज्य-कर विभाग राजस्व संग्रहण के मामले में राज्य सरकार का सबसे महत्वपूर्ण विभाग है। कर-राजस्व के संग्रहण में विभाग का योगदान 75 से 80% का रहा है, जो सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के कारण व्यवसायियों को हुई कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए वाणिज्य-कर विभाग ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान व्यवसायियों के समक्ष नकदी की समस्या को देखते हुए विवरणियों को दाखिल करने की समय-सीमा में विस्तार, विलंब शुल्क से छूट, कर भुगतान में देरी पर ब्याज के दर में कटौती सहित कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने कहा कि जीएसटी प्रणाली के अंतर्गत रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था को सरल बनाने एवं अनुपालन बोझ को कम करने हेतु 1 जनवरी 2021 से क्वार्टली रिटर्न मंथली पेमेंट (क्यू.आर.एम.पी.) स्कीम को लागू किया गया है। पुराने बकाये के निपटारे हेतु बिहार कराधान विवाद समाधान अधिनियम 2020 को लागू किया गया तथा इसे विस्तारित करते हुए सितंबर 2021 तक बढ़ाया गया ताकि इच्छुक करदाताओं द्वारा अपने बकाए का सेटेलमेंट किया जा सके। उन्होंने कहा कि व्यवसाय एवं उद्योग जगत द्वारा इस समाधान योजना को पुनः विस्तारित करने के प्राप्त अनुरोध पर समीक्षोपरांत विचार होगा।

Advertisement

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्य में हो रही वृद्धि के मद्देनजर केंद्र सरकार द्वारा विगत 3 नवंबर को डीजल एवं पेट्रोल पर लागू अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को घटाया गया। राज्य सरकार के स्तर से बिहार में भी डीजल और पेट्रोल पर लागू कर की दरों में कटौती किए जाने का निर्णय लिया गया, जिससे आमजन को काफी राहत मिली है। उन्होंने कहा कि व्यवसायिक गतिविधियों में कोरोना के कारण उत्पन्न हुई बाधा का कुप्रभाव राजस्व संग्रहण पर भी पड़ा है, परंतु सितंबर 2020 से स्थितियों में सुधार होने के परिणामस्वरूप 2020-21 में विभाग का कुल राजस्व संग्रह 32083.38 करोड़ रुपए रहा, जो वित्तीय वर्ष 2019-20 की तुलना में 22.62 प्रतिशत अधिक है। चालू वित्तीय वर्ष में माह नवंबर 2021 तक विभाग द्वारा कुल 25031.90 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रहण किया गया है, जो गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 73.54 प्रतिशत अधिक है। विभाग द्वारा चालू वित्तीय वर्ष के शेष बचे महीनों में राजस्व संग्रहण में वृद्धि हेतु विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। विभाग के अन्वेषण ब्यूरो द्वारा 14393 चलंत वाहनों की जांच की गई है, 976 वाहन जब्त किए गए हैं, जिनके विरुद्ध दंड आरोपित करते हुए 11.75 करोड़ की वसूली की गई है।

Advertisements

बैठक के दौरान बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा निबंधन प्रक्रिया एवं नियमों में बदलाव के कारण हो रही कुछ व्यावहारिक कठिनाई, आई.टी.सी. प्राप्त करने की समय-सीमा वार्षिक रिटर्न फाइल करने की तिथि तक दिए जाने का प्रावधान करने, इनपुट टैक्स क्रेडिट पर लगाई गई पाबंदी आदि, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन द्वारा जी.एस.टी.आर. विलंब से दाखिल किए जाने पर लगने वाले ब्याज एवं शास्ति को माफ करने, इनपुट टैक्स क्रेडिट, वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम को पुनः लागू करने इत्यादि से संबंधित सुझाव दिए गए। ईंट निर्माता संघ की ओर से ईंट उद्योग में प्रचलित कर दर में वृद्धि को पूर्व की भांति करने, लाल ईंट के उपयोग के प्रतिबंध हटाने इत्यादि अन्य बिंदुओं पर सुझाव दिए गए, जिसके पश्चात् विभाग द्वारा प्राप्त सुझावों के संबंध में सरकार के उपलब्ध प्रावधानों के विषय में प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई तथा उक्त संबंध में सरकार के स्तर से की जा रही कार्रवाई के विषय में अवगत कराया गया। साथ ही, यह भी बताया गया कि प्राप्त सुझावों में कई ऐसे बिंदु हैं, जिसका निर्णय जीएसटी काउंसिल के स्तर पर ही लिया जाना है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग जगत एवं व्यवसायियों के हितों की रक्षा एवं कल्याण के लिए सरकार तत्पर है। आगामी जनवरी माह में उद्योग विभाग एवं इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के साथ संयुक्त बैठक आयोजित होगी, जिनमें उद्योग और व्यापार जगत के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विचार होगा।

न्यूज़ क्राइम 24 संवाददाता

Related post