बिन मौसम बरसात से किसान हुए बदहाल

अररिया(रंजीत ठाकुर): जिले में पिछले चार-पांच दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से किसान काफी बदहाल है।उन्हें समझ ही नहीं आ रहा कि वह करें,तो क्या करें? सुबह आसमान साफ रहता है परंतु थोड़ी ही देर बाद आसमान बादलों से ढक जाता है बिजली करती हैं और बारिश शुरू हो जाती है और इस बारिश से तैयार मक्के की फसल भीग जाती है। हालांकि मक्के की फसल अभी पूरी तरह कट कर तैयार नहीं हुई है परंतु कुछ पहले तैयार हुए फसल को सुखाने तथा भंडारण आदि में किसानों के पसीने छूट रहे हैं।
नरपतगंज प्रखंड के मानिकपुर एवं नवाबगंज के किसान सीमा सड़क पर मक्के की फसल सुखाने में जुटे हैं। लॉकडाउन के कारण सड़कों पर आवाजाही काफी कम है और मक्का सुखाने एवं उसे समेटने में आसानी होती है,परन्तु अचानक मौसम बदल जाने और बारिश हो जाने से तैयार फसल भींग जाती है, जिससे किसान काफी परेशान हैं.

किसानों ने बताया कि एक तो कोरोना महामारी को लेकर हमसबों को मक्के का उचित मूल्य नहीं मिल पाता है और ऊपर से ये बिन मौसम बरसात ने हमारी परेशानी और बढ़ा रखी है।हम करें भी तो क्या करें?कुछ समझ में ही नहीं आता हैं।प्रकृति के आगे हमसब मजबूर हैं. बताते चलें कि आज बुधवार को भी सुबह में जमकर बारिश हुई।इस बारिश से खेत में लगे मूंग एवं पाट(पटुआ)आदि फसलों को भी काफी नुकसान पहुंचा है।