बिहार

सही पोषण के लिए विद्यालय के बच्चो एवं उनके अभिभावको के बीच पोषण जागरूकता अभियान संबंधित विस्तार से दी गई जानकारी

पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) विद्यालय पोषण कार्यक्रम” शिक्षा एवं स्वास्थ्य के संयुक्त तत्वावधान से जिले के सभी प्रखंडों में क्रियान्वित किया जा रहा है। इसके लिए स्वास्थ्य एवं शिक्षा अधिकारियों को राज्य एवं जिला सलाहकार द्वारा प्रशिक्षित करने के लिए पूर्णिया जिले के होटल सेंटर प्वाइंट में जिला शिक्षा पदाधिकारी- रविंद्र कुमार प्रकाश की अध्यक्षता में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सभी प्रतिभागियों को यूनिसेफ से राज्य एवं जिला अधिकारियों द्वारा विद्यालय स्तर पर स्वास्थ्य, पोषण एवं शिक्षा का परस्पर संबंध, पोषण कार्यक्रमों की भूमिका, पोषण वाटिका और जलवायु परिवर्तन स्मार्ट स्कूल का महत्व सभी बच्चो के पोषण स्वास्थ्य संबंधित दुबलापन एवं मोटापन को नियंत्रित करने हेतु आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई।

आयोजित प्रशिक्षण में शिक्षा विभाग से डीपीओ एसएसए अविनाश कुमार अमन, डीपीओ मध्यान भोजन- शशि रंजन चौधरी, स्वास्थ्य विभाग से आरबीएसके डीसी डॉ संदीप कुमार, यूनिसेफ राज्य पोषण पदाधिकारी – डॉ संदीप घोष, यूनिसेफ राज्य सलाहकार – प्रकाश सिंह, जिला पोषण समन्वयक – निधि भारती, फिया फाउंडेशन राज्य टीम लीड – अमित कुमार, जिला सलाहकार – युगल किशोर, उत्तम कुमार, मोनी मिश्रा, यूनिसेफ वॉश कंसल्टेंट – कर्मवीर कुमार और सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, लेखापाल, प्रखंड साधन सेवी, पीएम पोषण योजना एवं प्रत्येक प्रखंड से एक एक चिकित्सा पदाधिकारी उपस्थित रहे।

विद्यालयों में पोषण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा का परस्पर संबंध से संबंधित कार्यक्रमों की दी गई जानकारी :

प्रशिक्षण के दौरान यूनिसेफ के राज्य स्तर से आए अधिकारियों के द्वारा विद्यालय आधारित पोषण कार्यक्रमो की विस्तार से जानकारी दी गयी। विद्यालय स्तर पर बच्चो का पोषण स्तर का आंकलन (BMI) द्वारा बच्चो की वृद्धि निगरानी कर पता करना, पोषण स्तर के अनुसार बच्चो को पोषण संबंधित परामर्श, साफ-सफाई पर परामर्श, नियमित निगरानी के बारे में जानकारी दी गई। विशेषज्ञों द्वारा सभी अधिकारियों को बच्चों के विकास निगरानी और जन-जागरूकता में स्वास्थ्य विभाग के आरबीएसके टीम के सहयोग से समय – समय पर जांच बच्चों को पोषण संबंधित परामर्श, उचित आहार प्रथाओं और सुरक्षित पेयजल, हाथ धोने एवं अन्य साफ-सफाई से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

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साथ ही विद्यालयों में पोषण वाटिका लगाने का महत्व कि कैसे यह बच्चों में केवल पौष्टिक आहार तक सीमित नहीं है बल्कि ये बच्चो को कृषि, पर्यावरण और आत्मनिर्भरता की शिक्षा देता है इसकी जानकारी दी गई। साथ ही यह विद्यालय शिक्षा समिति एवं अभिभावकों को पोषण वाटिका, स्वच्छता अभियान और जलवायु अनुकूल गतिविधियों में शामिल करने के बारे में बताया गया, अनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम तहत, आयरन फोलिक एसिड की गोली, कृमिनाशक गोलियों का सेवन एवं हीमोग्लोबिन जांच कैम्प के बारे में बताया गया, जो बच्चो में रक्ताल्पता (हीमोग्लोबिन की कमी) को घटाकर उनकी एकाग्रता और सीखने की क्षमता को बढ़ाता है। साथ ही ई-शिक्षा कोष (E-Shikshakosh App) एप्लीकेशन के माध्यम से ईएफए (IFA) के आंकड़ों का मासिक प्रतिवेदन प्रविष्टि करने हेतु सभी उपस्थित शिक्षा विभाग से आए प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया गया।

पूर्णिया जिले का कोई भी बच्चा कुपोषण, अस्वच्छता या पर्यावरणीय असुरक्षा का शिकार न हो इसका लिया गया संकल्प :

प्रशिक्षण के उपरांत शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा साझा संकल्प लिया गया कि पूर्णिया जिले का कोई भी बच्चा कुपोषण, अस्वच्छता या पर्यावरणीय असुरक्षा का शिकार न हो, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और ग्रामीण विकास विभाग मिलकर जब कार्य करेंगे तभी स्थाई परिणाम मिलेंगे। सभी विद्यालय पोषण- सक्षम, वॉश- सक्षम और क्लाइमेट स्मार्ट बने। कार्यक्रम में यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चो के भविष्य और समाज की सतत प्रगति के लिए आंदोलन है इसे पूरा करने का अधिकारियों द्वारा संकल्प लिया गया।

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