अररिया, रंजीत ठाकुर। नेपाल के सुनसरी जिले में बीते 26 जुलाई को हुई साम्प्रदायिक हिंसा में चार लोगों की गोली लगने से मौत के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शनिवार को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे देवानगंज गांवपालिका क्षेत्र में हुई हिंसक घटना के पांच आरोपितों को फुलकाहा थाना पुलिस और एसएसबी के जवानों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपितों को सीमा पर तैनात नेपाल पुलिस के हवाले कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, नेपाल के सुनसरी जिला अंतर्गत देवानगंज गांवपालिका के कप्तानगंज वार्ड संख्या-3 में 26 जुलाई को हुई हिंसक घटना के बाद कई आरोपित नेपाल में अलग-अलग स्थानों पर छिपे हुए थे। शनिवार दोपहर कुछ आरोपित मौका देखकर मानिकपुर और कोशिकापुर सीमा क्षेत्र के रास्ते भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। सीमा पर तैनात फुलकाहा एसएसबी एवं थाना पुलिस की सतर्कता के कारण उनका प्रयास विफल हो गया। संयुक्त टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए मो. सहवान, पिता मो. अबुल मियां, रसूल मियां, पिता मोहम्मद मियां, नूर सलाम, पिता अब्दुल गफूर, मो. कादिर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी को नेपाल पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया।
नेपाल पुलिस कर रही गहन पूछताछ :
सुनसरी नेपाल के देवानगंज थाना प्रभारी प्रकाश पराजुल ने बताया कि देवानगंज गांवपालिका में हुई साम्प्रदायिक हिंसा के मामले में पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार सभी आरोपितों से गहन पूछताछ की जा रही है। मामले की पूरी जानकारी वरीय अधिकारियों को दी गई है। उन्होंने बताया कि घटना में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए नेपाल में सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। थाना प्रभारी प्रकाश पराजुल ने यह भी बताया कि वर्तमान में नेपाल में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है और स्थिति पर पुलिस की लगातार नजर बनी हुई है।
सीमा पर बढ़ी चौकसी :
फुलकाहा थानाध्यक्ष विकास कुमार मौर्य ने बताया कि नेपाल में हुई हिंसक घटना के बाद भारत-नेपाल सीमा पर पुलिस एवं एसएसबी पूरी तरह सतर्क है। नेपाल में छिपे आरोपितों के भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की आशंका को देखते हुए सीमा क्षेत्र में लगातार गश्त की जा रही है। इसी दौरान भारतीय क्षेत्र में प्रवेश का प्रयास कर रहे नेपाल के पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर नेपाल पुलिस के हवाले किया गया।
वहीं, आई समवाय फुलकाहा के प्रभारी सहायक सेना नायक राणा कुमार ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा खुली सीमा होने के कारण सुरक्षा बलों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। एसएसबी के जवान दिन-रात सीमा की निगरानी कर रहे हैं। सीमा क्षेत्र में आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए जवान पूरी तरह तैयार हैं। ड्रोन कैमरा से भी सीमा क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। अन्य आरोपितों की तलाश जारी। आरोपितों के भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने की आशंका को देखते हुए कोशिकापुर, मानिकपुर सहित सीमा से सटे इलाकों में पुलिस और एसएसबी की गश्त बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि घटना में शामिल अन्य आरोपित कहीं सीमा से सटे भारतीय क्षेत्र में छिपे तो नहीं हैं। सीमा क्षेत्र में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
