अररिया, रंजीत ठाकुर। नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र के भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एवं आपसी समन्वय को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बुधवार को 56वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) बथनाहा एवं नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के बीच कमांडेंट स्तरीय समकक्ष सीमा समन्वय बैठक एवं संयुक्त गश्त का आयोजन किया गया।
जानकारी के अनुसार, 24 जून 2026 को प्रातः 9 बजे जी-समवाय बेला के कार्यक्षेत्र अंतर्गत सीमा स्तंभ संख्या 198/02 के समीप आयोजित बैठक में भारत की ओर से 56वीं वाहिनी एसएसबी बथनाहा के कमान अधिकारी नितीन कुमार गुप्ता के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने भाग लिया। उनके साथ उप कमांडेंट मदन मोहन भट्ट, निरीक्षक (सामान्य) रंजीत मोहंता सहित अन्य अधिकारी एवं जवान उपस्थित थे। वहीं नेपाल की ओर से चतुर्थ वाहिनी, सुनसरी (एपीएफ नेपाल) के एसपी गणपति श्याम प्रसाद कार्की के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ। उनके साथ डीएसपी शमशेर कार्की, निरीक्षक नरेंद्र चंद सहित अन्य अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे।
बैठक के दौरान सीमा पार तस्करी की रोकथाम, मानव तस्करी एवं अवैध आवागमन पर नियंत्रण, संयुक्त गश्त एवं समन्वित अभियान, नो-मैन्स लैंड क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने, सीमा स्तंभों की सुरक्षा एवं रख-रखाव, अपराधियों एवं तस्करों से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान समेत विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके अलावा आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्यों में पारस्परिक सहयोग, जन-जागरूकता कार्यक्रमों का संयुक्त संचालन, सीमा क्षेत्र में भीड़ प्रबंधन एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, हालिया जब्तियों एवं अपराध प्रवृत्तियों की समीक्षा तथा एसएसबी एवं एपीएफ के बीच खेलकूद एवं मैत्रीपूर्ण गतिविधियों के आयोजन पर भी सहमति बनी। बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई। दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने सीमा सुरक्षा, अपराध नियंत्रण, सूचना साझाकरण तथा द्विपक्षीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर सहयोग बनाए रखने का संकल्प लिया। बैठक के उपरांत एसएसबी एवं एपीएफ के अधिकारियों एवं जवानों ने संयुक्त सीमा गश्त कर सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया तथा सीमा स्तंभों का निरीक्षण किया। एसएसबी उप कमांडेंट मदन मोहन भट्ट ने कहा कि इस प्रकार की समन्वय बैठकें और संयुक्त गश्त सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं आपसी विश्वास को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
