एनीमिया मुक्त भारत अभियान : दो दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का किया गया आयोजन

पूर्णिया(रंजीत ठाकुर): किशोरावस्था स्वस्थ जीवन की बुनियाद होती है। इस दौरान बेहतर शारीरिक एवं मानसिक विकास से स्वस्थ जीवन की आधारशिला तैयार होती है। साथ ही किशोरियों में खून की कमी भविष्य में सुरक्षित मातृत्व के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। इसको ध्यान में रखते हुए 10 से 19 वर्ष तक की किशोरियों व गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोली दी जा रही है। कोरोना संकट काल में स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया गया था। ऐसे में आंगनबाड़ी सेविका और आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर किशोरियों के बीच आयरन गोली का वितरण कर रही थी। ताकि किसी भी किशोरियों या गर्भवती महिलाओं में खून
की कमी नहीं हो। एनिमिया मुक्त भारत एवं वाई आई एफ एस कार्यक्रम के अंतर्गत आई एफ ए आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन एवं प्रतिवेदन से संबंधित उन्मुखीकरण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन डीपीएम ब्रजेश कुमार सिंह, डीसीएम संजय कुमार दिनकर, यूनिसेफ़ के पोषण विशेषज्ञ रवि नारायण पारही, पीएमसीएच से डॉ राजेश रंजन, यूनिसेफ़ की ओर से प्रकाश कुमार सिंह, डॉ श्वेता सिंह एवं देबाशीश घोष, केयर इंडिया के डीटीएल आलोक पटनायक के द्वारा संयुक्त रूप से शहर के एक निजी होटल में किया गया।

इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से डीपीएम, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, आईसीडीएस की डीपीओ, ज़िले के सभी सीडीपीओ, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी बीईओ, डीआईओ, जिला दवा भण्डारपाल, सभी प्रखण्ड साधनसेवी, डीपीओ एकडीएम, ज़िले के सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी, डीसीएम, ज़िले के सभी बीसीएम, सभी प्रखण्ड दवा भण्डारपाल, केयर इंडिया के डीटीएल आलोक पटनायक एवं डीटीओ (ऑन) अमित कुमार सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

-कार्यक्रम के सुदृढ संचालन एवं सफ़ल कार्यान्वयन को लेकर अधिकारियों एवं कर्मियों को किया गया प्रशिक्षित: डीपीएम
जिला स्वास्थ्य समिति की ओर से जिला कार्यक्रम प्रबंधक ब्रजेश कुमार सिंह ने बताया कि ज़िले के सभी बच्चे में एनीमिया की रोकथाम के लिए एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम स्वास्थ, शिक्षा एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में क्रियान्वित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के सुदृढ़ संचालन एवं सफल क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार से प्रशिक्षण प्राप्त पीएमसीएच के प्रशिक्षक द्वारा जिला स्तर पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिसमें ज़िले के सात प्रखंडों यथा अमौर, बैसा, बायसी, जलालगढ़, के नगर, भवानीपुर एवं रुपौली प्रखंड अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस, शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशिक्षित किया गया।

एनीमिया एक गंभीर समस्या : डॉ राजेश रंजन

स्वास्थ्य विभाग की ओर से आए पीएमसीएच डॉ राजेश रंजन ने एनीमिया मुक्त अभियान को लेकर विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए कहा कि एनीमिया एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जो स्वास्थ्य व तंदुरुस्ती के साथ-साथ पढ़ने एवं काम करने की क्षमता को भी विपरीत रूप से प्रभावित करती है। इसी को लेकर किशोरियों की बेहतर स्वास्थ्य को लेकर कदम उठाया गया है। माध्यमिक विद्यालयों में किशोरियों को दवा खिलायी जाती है। वहीं, विद्यालय नहीं जाने वाली किशोरियों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से दवा दी जाती है। प्रत्येक बुधवार को प्रशिक्षित शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के द्वारा स्कूल नहीं जाने वाली किशोरियों को आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से दवा खिलायी जाती है।