बिहार

लोगों को स्वस्थ्य और सुरक्षित रखने के लिए नियमित उपलब्ध रहती है कसबा प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 90

पूर्णिया, (न्यूज़ क्राइम 24) : जिले के कसबा प्रखंड के कुल्लाखास पंचायत स्थित रामटोला ललहरिया में समेकित बाल विकास परियोजना (आईसीडीएस) विभाग द्वारा एक मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 90 का संचालन निष्पादित किया जा रहा है। रामटोला में मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन सेविका कंचन कुमारी द्वारा किया जा रहा है। वर्ष 2007 से रामटोला लालहरिया में सेविका द्वारा मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन किया जा रहा है। रामटोला में संचालित मॉडल आंगनवाड़ी केंद्र में स्थानीय लोगों के शिशु के स्वास्थ्य और पढ़ाई के साथ साथ सेविका द्वारा स्थानीय गर्भवती और धात्री महिलाओं की एएनएम कर्मियों के सहयोग से समय पर जांच करते हुए आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

आंगनवाड़ी केंद्र द्वारा स्थानीय लोगों को आसानी से स्वास्थ्य जांच और उपचार के लिए आईसीडीएस द्वारा वहां पिछले 08 साल से पोषण वाटिका का संचालन चलाया जा रहा है। पोषण वाटिका में शिशु के साथ साथ गर्भवती और धात्री महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए आवश्यक पौष्टिक आहार का संचालन किया जा रहा है जिससे स्थानीय लोगों को समय से सभी सुविधा का लाभ आसानी से दिया जा रहा है। इससे स्थानीय लोग स्वास्थ्य और सुरक्षित रहते हुए सामान्य जीवन का लाभ उठा रहे हैं।

केंद्र में विभिन्न पौस्टिक आहार का किया जा रहा निष्पादन :

सेविका कंचन कुमारी ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्र में संचालित पोषण वाटिका में फल के लिए केला, पपीता, अमरूद और नींबू जैसी सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा सब्जी के रूप में शिशु और लाभार्थियों के लिए कद्दू, घेरा, लाल कद्दू, विभिन्न प्रकार के साग आदि का संचालन किया जाता है। इसका उपयोग आंगनवाड़ी केंद्र में उपस्थित बच्चों के पोषण के लिए किया जाता है। इसके साथ साथ स्थानीय गर्भवती-धात्री महिलाओं के साथ स्थानीय जरूरतमंद लोगों को आवश्यक पौस्टिक आहार का वितरण किया जाता है। पोषण वाटिका में संचालित पौस्टिक आहार के पौधे स्थानीय लोगों को भी दिया जाता है जिसका उपयोग लाभार्थी अपने घर में करते हुए उससे होने वाले पौस्टिक आहार के रूप में ले सकते हैं।

लोगों को आसानी से आंगनवाड़ी सुविधा का लाभ उपलब्ध कराने के लिए मौसम के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन मौसम के अनुसार निष्पादित किया जाता है। आंगनबाड़ी कर्मियों द्वारा प्रतिदिन लोगों को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए समय से केंद्र का संचालन करते हुए लोगों को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके लिए प्रतिदिन केंद्र की साफ सफाई करते हुए सहायिका द्वारा बच्चों को समय पर केंद्र में उपस्थित किया जाता है। उसके बाद बच्चों को पंगतिबद्ध करते हुए प्रार्थना कराते हुए स्वस्थ्य रखने के लिए आवश्यक व्यायाम कराया जाता है।

उसके बाद बच्चों को केंद्र में निर्धारित आहार के अनुसार नाश्ता और भोजन दिया जाता है। उसके बाद बच्चों को विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जाता है। इसमें बच्चों को खिलौने को जोड़ना, कागज को जोड़ना, मिट्टी से खिलौना बनाना, लकड़ी के खिलौने की पहचान, आनाज की पहचान, रंग की पहचान, फूल की पहचान आदि दी जाती है। उसके बाद बच्चों को पोषाहार का सेवन कराया जाता है। उसके बाद बच्चों को पंक्तिबद्ध तरीके से सहायिका के सहयोग से बच्चों को घर भेजा जाता है। उसके बाद आंगनवाड़ी केंद्र में आवश्यक साफ सफाई करते हुए केंद्र को बंद किया जाता है।

भीएचएसएनडी में लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जाती है चिकित्सकीय सहायता :

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सेविका कंचन कुमारी ने बताया कि बच्चों और महिलाओं को आवश्यक जांच और उपचार के लिए आंगनवाड़ी केंद्र में हर माह भीएचएसएनडी सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसमें स्थानीय नवजात शिशुओं के साथ साथ अन्य बच्चों की एएनएम कर्मी के सहयोग से टीकाकरण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके साथ साथ हर माह लाभार्थियों को आवश्यक पौस्टिक आहार का उपयोग के लिए टीएचआर का वितरण कराया जाता है जिसका उपयोग करते हुए लाभार्थी स्वस्थ्य और सुरक्षित जीवन का लाभ उठाते हैं। गर्भवती महिलाओं के लिए आंगनबाड़ी केंद्र में गोदभराई और धात्री महिलाओं के शिशुओं को अन्नप्राशन का संचरण किया जाता है जहां लाभार्थियों को आवश्यक सुविधाओं की जानकारी देते हुए जरूरमंद सुविधाओं का वितरण आसानी से उपलब्ध कराई जाती है।

पोषण वाटिका का लोगों को दिया जाता है लाभ :

लोगों को स्वस्थ्य और सुरक्षित रखने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण वाटिका का संचालन किया जाता है। इसमें लाभार्थियों को स्वस्थ्य रखने के लिए आवश्यक आहार का उपयोग करते हुए लाभार्थियों को समय समय पर वितरण किया जाता है। इसके लिए पोषण वाटिका में आवश्यक सुविधा का संरक्षण किया जाता है। उसके बाद क्षेत्र भ्रमण के दौरान लाभार्थियों के स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त करते हुए जरूरतमंद लोगों को आवश्यक आहार का वितरण निष्पादित किया जाता है। केंद्र में लोगों को स्वस्थ्य रहने के लिए नियमित रूप से हाथ सफाई की जानकारी दी जाती है। केंद्र में गर्भवती महिलाओं और बच्चों को स्वस्थ्य और सुरक्षित रखने के लिए प्रतिमाह वजन और लंबाई लिया जाता है। कमजोर बच्चों को स्वस्थ्य रखने के लिए आवश्यक सलाह दी जाती है।

बहुत कमजोर बच्चों को स्वस्थ्य रखने के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जाता है जहां विशेषज्ञों के निर्देश पर लोगों को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। बहुत कम वजन वाले बच्चों को विशेष जांच और उपचार के लिए पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जाता है जहाँ विशेषज्ञ स्वस्थ्य कर्मियों के सहयोग से बच्चों को स्वस्थ्य और सुरक्षित किया जाता है। गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ्य और सुरक्षित रखने के लिए नियमित रूप से प्रसव पूर्व जांच (एएनसी), आयरन-कैल्सियम की गोली का वितरण किया जाता है और प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में प्रसव सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। अस्पताल में प्रसव होने पर नवजात शिशुओं को जन्म के बाद एक घंटे के भीतर लाभार्थियों द्वारा स्तनपान कराने के लिए प्रेरित किया जाता है जिसे माँ और बच्चे स्वस्थ्य और सुरक्षित रहते हैं।

माँ और बच्चों को स्वस्थ्य और सुरक्षित रखने में सम्पूर्ण सहयोग प्रदान करता है आंगनवाड़ी केंद्र : सीडीपीओ

कसबा प्रखंड की सीडीपीओ बसंती कुमारी ने बताया कि बच्चों और महिलाओं को स्वस्थ्य और सुरक्षित रखने के लिए सभी क्षेत्रों में आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन किया जा रहा है। इस दौरान सेविकाओं द्वारा गर्भवती महिलाओं और शिशुओं को स्वस्थ्य और सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सुविधाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराई जाती है। गर्भवती महिलाओं की प्रसव से पूर्व आवश्यक जांच और दवाई का वितरण किया जाता है। प्रसव के बाद धात्री महिलाओं और शिशुओं को आवश्यक उपचार के लिए पोषाहार और पौष्टिक आहार का नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाती है। लाभार्थियों द्वारा घर से नजदीकी आसानी से आवश्यक स्वास्थ्य सलाह, जांच और उपचार मिलने से लोग बिल्कुल स्वस्थ्य रहते हुए सामान्य जीवन का आसानी से लाभ उठाते हैं।

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