बिहार

ख़ास रिपोर्ट : मासूमों की जिंदगी बचाने में तन-मन-धन से जुटी पटना पुलिस

(पटनासिटी से रॉबीन राज की खास रिपोर्ट)

पटनासिटी, न्यूज़ क्राइम 24। अक्सर किसी घटना को लेकर पुलिस पर सवाल उठते हैं और खाकी वर्दी आलोचनाओं के घेरे में आ जाती है। लेकिन पटना सिटी में सामने आई एक घटना ने पटना पुलिस का मानवीय चेहरा उजागर कर दिया है और चर्चा का विषय बन चूका हैं। यहां चौक थाना पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि एक जले हुए परिवार की जिंदगी बचाने के लिए तन, मन और धन से लगातार सेवा में जुटी हुई है। दरअसल, बीते 20 मई को चौक थाना क्षेत्र के राजा बाबू गली में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई थी। आरोप है कि कन्हैया कुमार ने पत्नी, सास-ससुर और दो मासूम बच्चों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी थी। इस दर्दनाक घटना में इलाज के दौरान गोविंद अग्रवाल के पिता पुरुषोत्तम प्रसाद, मां नीलम देवी तथा मुख्य आरोपी कन्हैया कुमार की मौत हो चुकी है। वहीं दो मासूम बच्चे और उनकी मां मोनी उर्फ प्रिया अब भी गंभीर अवस्था में पटना के अपोलो बर्न हॉस्पिटल में भर्ती हैं। घायलों के इलाज का खर्च उठाने के लिए पटना पुलिस, स्थानीय समाजसेवी और कई लोग आगे आए हैं।

अनुमंडल पदाधिकारी सत्यम सहाय एवं चौक थानाध्यक्ष राजकिशोर सिंह की पहल पर पुलिसकर्मियों ने अपनी सैलरी से योगदान दिया है। अब तक लाखों रुपये इलाज में सहयोग के रूप में दिए जा चुके हैं और यह सहायता लगातार जारी है। सबसे बड़ी बात यह है कि अस्पताल में भर्ती बच्चों और उनकी मां की देखभाल की जिम्मेदारी भी पुलिस ने अपने कंधों पर उठा ली है। महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मी दिन-रात अस्पताल पहुंचकर हर संभव सहायता कर रहे हैं। चौक थानाध्यक्ष राजकिशोर सिंह ने सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इलाज में अभी और आर्थिक सहायता की जरूरत है। ऐसे में जो भी लोग मदद करना चाहते हैं, वे चौक थाना से संपर्क कर सहयोग कर सकते हैं।

Advertisements
Ad 1

क्या था पूरा मामला:


पुलिस के अनुसार, मोनी उर्फ प्रिया ने हाल ही में कन्हैया कुमार को छोड़कर गोविंद से शादी की थी। इसी बात को लेकर कन्हैया कुमार नाराज चल रहा था। बताया जाता है कि घटना वाली सुबह को वह पेट्रोल लेकर गोविंद अग्रवाल के घर पहुंचा और विवाद के दौरान परिवार के लोगों पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इस दौरान आग की चपेट में आरोपी खुद भी आ गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना मिलते ही चौक थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और थानाध्यक्ष राजकिशोर सिंह ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। जहां एक ओर कई लोग घटना का वीडियो बनाने में लगे रहे, वहीं दूसरी ओर पुलिस टीम घायलों की जान बचाने में जुटी रही। थानाध्यक्ष की इस मानवीय पहल की इलाके में काफी चर्चा हो रही है।

Related posts

पुलिस दबिश और कुर्की की कार्रवाई के बीच अभियुक्त ने किया आत्मसमर्पण

पश्चिमी क्षेत्र में पुलिस का विशेष अभियान, 29 अभियुक्त गिरफ्तार!

जनता दरबार में सुनी गईं 12 शिकायतें, त्वरित निष्पादन का निर्देश

error: