बिहार

भू-राजनीतिक संघर्ष के आर्थिक प्रभाव पर पीएमए का राष्ट्रीय वेबिनार आयोजित

फुलवारीशरीफ, अजित। पटना मैनेजमेंट एसोसिएशन (पीएमए) की ओर से 30 मार्च 2026 को शाम 7:30 बजे गूगल मीट के माध्यम से “वर्तमान भू-राजनीतिक संघर्ष का आर्थिक प्रभाव और आपदा प्रबंधन के उपाय” विषय पर एक राष्ट्रीय स्तर के वेबिनार का आयोजन किया गया. इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़े विशेषज्ञों और विद्वानों ने भाग लेकर अपने विचार साझा किए। वेबिनार का उद्घाटन एवं मुख्य भाषण नई दिल्ली से ग्लोबल ओपन यूनिवर्सिटी नागालैंड के कुलाधिपति डॉ. पी. आर. त्रिवेदी ने दिया. उन्होंने वैश्विक स्तर पर चल रहे संघर्षों के आर्थिक प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य में भारत को संतुलित और दूरदर्शी नीति अपनाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम की शुरुआत पीएमए के संरक्षक डी. के. श्रीवास्तव के स्वागत भाषण से हुई, जबकि वेबिनार की अध्यक्षता संगठन के अध्यक्ष अधिवक्ता बी. के. सिन्हा ने की. विभिन्न सत्रों में रांची से नागेश झा, जमशेदपुर से चंद्रेश्वर खान, कृषि वैज्ञानिक डॉ. आशुतोष उपाध्याय, वित्त विशेषज्ञ डॉ. नीलेश नारायण तथा आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ मोहम्मद मोईज सहित कई वक्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। इसके अलावा बेंगलुरु से प्रबंधन विशेषज्ञ संजय चौधरी और डॉ. ए. के. वर्मा ने भी चर्चा में सक्रिय भागीदारी निभाई और वैश्विक संकटों के बीच प्रबंधन रणनीतियों पर अपने विचार रखे. वेबिनार का समापन पीएमए के सचिव इंजीनियर एम. के. दास ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया। चर्चा के दौरान विशेषज्ञों ने भारत की ऊर्जा विविधीकरण रणनीतियों, तकनीकी उन्नयन के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में संभावित व्यवधानों पर गंभीर चिंतन किया. साथ ही पेट्रोलियम उत्पादों और उर्वरकों जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता पर पड़ने वाले प्रभावों का भी विश्लेषण किया गया।

Advertisements
Ad 1

वक्ताओं ने ऑटोमोबाइल, वस्त्र, सिरेमिक, इस्पात एवं धातु, फार्मास्यूटिकल्स, रत्न एवं आभूषण तथा लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) जैसे क्षेत्रों पर संभावित दबाव और मूल्य वृद्धि की आशंकाओं पर भी प्रकाश डाला. रुपये-डॉलर विनिमय दर में गिरावट के हालिया रुझानों को भी चिंता का विषय बताया गया। हालांकि, सभी वक्ताओं ने भारत सरकार की संतुलित गुटनिरपेक्ष नीति और वैश्विक स्तर पर जरूरतमंद देशों को दी जा रही समयबद्ध सहायता की सराहना की. यह भी कहा गया कि भारतीय समाज में चुनौतियों को सहने और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता है, जो देश को आर्थिक और सामरिक रूप से मजबूत बनाए रखेगी। वेबिनार में यह सर्वसम्मति बनी कि भारत को अपनी सैन्य और आर्थिक क्षमता को सुदृढ़ करते हुए ‘समग्र मानवता के कल्याण’ की भावना को आगे बढ़ाना चाहिए. वक्ताओं ने विश्वास जताया कि इसी दृष्टिकोण के साथ भारत भविष्य में एक सशक्त वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभर सकता है।

Related posts

मुख्यमंत्री से 2024 बैच के बिहार कैडर के प्रशिक्षु आई०ए०एस० अधिकारियों ने मुलाकात की

भगदड़ में 8 महिलाओं की मौत, कई घायल वरीय पुलिस पदाधिकारी मौके पर पहुंचे, जांच के आदेश थानाध्यक्ष को किया निलंबित

आयुष बिल्डिंग में मशीन खराब, एम्स में एक्स-रे- अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों का हंगामा

error: