बिहार, सोनू कुमार : शेखपुरा जिला के बरबीघा में आज बुधवार की सुबह मालती पोखर तेतारपुर एवं गांधी सरोवर समेत बिहार के विभिन्न छठ घाटों पर व्रतियों द्वारा उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही चार दिवसीय चैती छठ महापर्व 2026 अत्यंत हर्षोल्लास और पारंपरिक आस्था के साथ संपन्न हो गया। व्रतियों ने 36 घंटे के निर्जला व्रत का पारण किया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। व्रतियों ने पानी में कमर तक खड़े होकर सूर्य देव और छठी मैया को दूध व जल से अर्घ्य दिया। घाटों पर साफ-सफाई, रोशनी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुबह के अर्घ्य (ऊषा अर्घ्य) के बाद व्रतियों ने प्रसाद ग्रहण कर अपना व्रत तोड़ा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर उपस्थित रहे और पूरा माहौल भक्तिमय रहा।व्रतियों ने बताया कि उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देना इस महापर्व का सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र क्षण होता है। मान्यता है कि इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है।श्रद्धालुओं ने कहा कि चैती छठ सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। इस दौरान जो एकता और भक्ति का माहौल देखने को मिलता है, वह अद्भुत होता है।बताते चलें कि उगते सूर्य को अर्घ्य के साथ ही चार दिनों तक चला चैती छठ महापर्व श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हो गया।
