फुलवारीशरीफ, अजित। परसा थाना क्षेत्र के महुली में मिले पुनपुन निवासी चौकीदार पुत्र बिंदेश्वरी (20 वर्ष) हत्याकांड का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर लिया है. इस मामले में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार करते हुए मृतक की बहन की चोरी हुई स्कूटी भी बरामद कर ली है.पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस हाईप्रोफाइल मामले का उद्भेदन कर इलाके में दहशत फैलाने वाले गिरोह को धर दबोचने में सफलता पाई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बिंदेश्वरी की हत्या पुनपुन एसडीपीओ कार्यालय के पीछे एक बगीचे में गला दबाकर की गई, फिर शव को महुली गांव में फेंक दिया गया था।
थानाध्यक्ष मेनका रानी ने बताया कि बिंदेश्वरी खुद को पुलिस से जुड़ा बता कर ड्रग्स के धंधे में रंगदारी करता था. पुनपुन इलाके का कुख्यात ड्रग्स कारोबारी मुन्ना डॉन पहले से इस धंधे में सक्रिय था. दोनों के बीच वर्चस्व को लेकर टकराव बढ़ गया था. बताया गया कि बिंदेश्वरी ने मुन्ना डॉन पर एक बार गोलीबारी भी की थी।
इसी रंजिश में मुन्ना डॉन ने अपने साथियों गुड्डू, राजा, सुमित और परसा निवासी लड्डू के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची.हत्या में पुनपुन थाना के एक अन्य चौकीदार का बेटा भी शामिल है. सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं. पूछताछ में मुन्ना डॉन ने खुलासा किया कि वह मसौढ़ी से स्मैक, हेरोइन और ब्राउन शुगर मंगाकर पुनपुन में बेचता था. बिंदेश्वरी उसी के नेटवर्क में शामिल था लेकिन पुलिस का नाम लेकर उससे रंगदारी वसूलता था, जो उसकी हत्या का कारण बना।
साजिश के तहत लड्डू से बिंदेश्वरी की बहन की स्कूटी चोरी करवाई गई. स्कूटी की तलाश में बिंदेश्वरी को जब लड्डू पर शक हुआ तो उसने उसे अगवा कर एक घर में बंधक बना कर जमकर पिटाई की और धमकी दी कि स्कूटी नहीं मिलने पर जान ले लेगा. किसी तरह लड्डू जान बचाकर भाग निकला और सीधे मुन्ना डॉन के पास पहुंच गया. फिर तय योजना के अनुसार बिंदेश्वरी को बुलाकर एसडीपीओ कार्यालय के पीछे उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई।
