बिहार

थानों में हो उर्दू अनुवादकों की पोस्टिंग : अजमल

फुलवारी, अजित : आल इंडिया मुस्लिम मजलिस मशावरत (रजिस्टर्ड), बिहार के संयोजक नशूर अजमल नूशी ने बिहार के सभी थानों के लिए सृजित 1064 पदों को सरेंडर करने के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (उर्दू निदेशालय) के फैसले की तीखी आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि थानों में उर्दू अनुवादकों की सख्त जरूरत है और बिहार सरकार का यह फैसला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इन पदों को सरेंडर कर इनके लिए चयनित उम्मीदवारों को दूसरी जगह भेजा जाए.श्री अजमल ने कहा कि उर्दू तबके के लोग थानों में अपना आवेदन उर्दू में देना चाहते हैं लेकिन उर्दू अनुवादकों का पद सरेंडर कर बिहार सरकार ऐसे लोगों को उर्दू के इस्तेमाल से वंचित कर रही है.श्री अजमल ने कहा कि उर्दू बिहार की दूसरी राजभाषा है लेकिन पिछले कई वर्षों से उर्दू के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है.

उन्होंने उम्मीद जाहिर की कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मामले को संज्ञान में लेंगे और सभी थानों में उर्दू अनुवादकों को बहाल करेंगे.

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