बिहार

मरीजों के निबंधन से लेकर जांच व इलाज संबंधी जानकारी भव्या एप पर करायें दर्ज : सिविल सर्जन

अररिया, रंजीत ठाकुर स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों की उपलब्ध करायी जाने वाली तमाम सेवाएं ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है। इसे लेकर मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा भव्या एचआईएमएस सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। इसमें मरीजों के निबंधन से लेकर जांच, इलाज संबंधी तमाम जानकारी डिजिटली दर्ज किया जा रहा है। इसी क्रम में सदर अस्पताल में इलाज के लिये हर दिन आने वाले मरीजों का निबंधन से लेकर उपलब्ब्ध करायी जाने वाली तमाम चिकित्सकीय सुविधाओं का भव्या एप पर डिजिटली दर्ज कराने के विशेष समीक्षात्मक बैठक आयोजित गुरुवार को सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। इसमें सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डों के नोडल व प्रभारी पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में भव्या एप के सफल क्रियान्वयन सहित अस्पताल में उपलब्ध प्रसव सेवा, एसएनसीयू, पीकू वार्ड सहित अन्य सुविधाओं के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर जरूरी निर्देश दिये गये।

भव्या का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित करायें अधिकारी व कर्मी

समीक्षा के क्रम में सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने चिकित्सा अधिकारियों को ऑनलाइन कंस्लटेशन भव्या एप के माध्यम से सुनिश्चित कराने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि सदर अस्पताल के विभिन्न चिकित्स्कीय विभागों द्वारा उपलब्ध करायी जाने वाली सेवाओं का भव्या एप पर डिजिटली दर्ज कराना सुनिश्चित कराया जाये। इसकी नियमित निगरानी की जा रही है। इसके लिये सदर अस्पताल में कमांड कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है। भव्या एप सफल क्रियान्वयन के प्रति उदासीन स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मियों के खिलाफ विभागीय स्तर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी उन्होंने दी। सिविल सर्जन ने कहा कि सदर अस्पताल में जन्म लेने वाले सभी कमजोर, कम वजन व समय से पूर्व जन्म लेने वाले बच्चों को जरूरी इलाज के लिये एसएनसीयू में भर्ती कराना सुनिश्चित करें। ताकि ऐसे बच्चों को तत्काल जरूरी इलाज से संबंधित समुचित सुविधा उपलब्ध हो सके।

भव्या के माध्यम से हो रही विभागीय कार्यों की समीक्षा

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जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम संतोष कुमार ने कहा कि जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को उपलब्ध करायी जाने वाली तमाम सुविधाओं का विभागीय स्तर से भव्या एप के माध्यम से मॉनटरिंग की जा रही है। अगर विभाग द्वारा मरीजों को उपलब्ध करायी जाने वाली सेवा भव्या एप पर डिजिटली दर्ज नहीं होता है। तो इसे हमारी उपलब्धियों में शुमार नहीं किया जायेगा। इसलिये भव्या एप का सफल क्रियान्वयन जरूरी है।

चिकित्सकीय सेवाओं को पेपर लेस बनाने की हो रही कवायद

जिला मूल्यांकन व अनुश्रवण पदाधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि भव्या एप के माध्यम मरीजों को दी जा रही चिकित्सकीय सेवाओं को पेपर लेस बनाने की कवायद की जा रही है। इससे किसी मरीज से संबंधी तमाम जानकारी डिजिटली संरक्षित किया जा रहा है। इलाज के लिये मरीजों को बार-बार पर्चा कटाने की अब जरूरत नहीं होगी। मरीज के रोग, जांच, इलाज, दवा संबंधी सभी रिपोर्ट मरीजों के 14 अंकों वाले आईडी में दर्ज होगा। जिसके माध्यम से किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में मरीज से संबंधित जरूरी जानकारी जुटाते हुए उनका समुचित इलाज संभव हो सकेगा। इससे स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की मॉनेटरिंग की प्रक्रिया आसान होगा। बैठक में सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ आकश कुमार, प्रबंधक विकास कुमार, अस्पताल के चिकित्सक डॉ जीतेंद्र कुमार, डॉ संजय कुमार, डॉ अली अकबर, भव्या के डिस्ट्रिक्ट लाइजनिंग ऑफिसर निशार रागीब, पिरामल फाउंडेशन के पीएल राजीव कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी व कर्मी मौजूद थे।

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