पूर्णिया(न्यूज क्राइम 24): अररिया ज़िले के 25 एवं पूर्णिया के 5 नवनियुक्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के लिए परिवार नियोजन से संबंधित दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन शहर के निजी होटल में किया गया।
इस अवसर पर क्षेत्रीय स्वास्थ्य उप निदेशक डॉ विजय कुमार, क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक कैशर इक़बाल, क्षेत्रीय आशा समन्वयक प्रियंका कुमारी उपस्थित थीं।
प्रशिक्षक जपाइगो के क्षेत्रीय कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ याकूब एवं केयर इंडिया के डीपीएचओ सोमेन अधिकारी ने सभी प्रतिभागियों को परिवार नियोजन से संबंधित स्थायी एवं अस्थायी तरीके, एफपीएलएमआईएस एप्प के माध्यम से संसाधनों की मांग एवं रख रखाव को लेकर विस्तार पूर्वक बताया।
जनसंख्या नियंत्रण में महिलाओं में पीपीआईयूसीडी ज़्यादा पसंद: उप निदेशक
क्षेत्रीय स्वास्थ्य उप निदेशक डॉ विजय कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा पूरे देश में सभी स्तरों पर परिवार नियोजन से संबंधित वस्तुओं की उपलब्धता और निगरानी सुनिश्चित किया जाता है।
परिवार नियोजन की वस्तुओं में गर्भनिरोधक सुई (एमपीए) शामिल हैं। कंडोम, ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स (ओसीपी), गर्भनिरोधक उपकरण (आईयूसीडी), आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियां (इसीपी), ट्यूबल रिंग और गर्भावस्था परीक्षण किट (पीटीके) के माध्यम से अनचाहे गर्भ को रोका जा सकता है।
जनसंख्या वृद्धि को रोकने में सबसे सरल एवं सहज पोस्टपार्टम इंट्रायूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (पीपीआईयूसीडी) जो कि प्रसव के 48 घंटे के अंदर स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों या स्टाफ़ नर्स के द्वारा लगाया जाता है।
जब दूसरे बच्चे का विचार बने तो महिलाएं इसको आसानी से निकलवा भी सकती हैं। अनचाहे गर्भ से लंबे समय तक मुक्ति चाहने वाली महिलाओं के बीच सबसे अधिक इसे पसंद किया जाता हैं।
परिवार नियोजन के लिए मिलने वाले साधनों का संधारण करने में एफपी-एलएमआईएस मोबाइल एप्प का अहम योगदान: आरपीएम
क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक कैशर इक़बाल ने कहा कि परिवार नियोजन से संबंधित प्रबंधन सूचना प्रणाली के तहत परिवार नियोजन कार्यक्रम की जरूरतों के अनुसार आपूर्ति श्रृंखला संचालन का प्रबंधन करने, आपूर्ति की असमानताओं को कम करने और राष्ट्रीय स्तर से अंतिम उपयोगकर्ताओं तक परिवार नियोजन सामग्रियों की आपूर्ति के सुचारू रूप से वितरण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा (एफपी-एलएमआईएस) मोबाइल एप्प को विकसित किया गया है।
परिवार नियोजन में सबसे अहम रोल कंडोम बॉक्स, गर्भवती महिलाएं एवं उनके अभिभावकों को समय पर उचित परामर्श, गर्भनिरोधक सुई जिसमें अंतरा, गर्भधारण रोकने के लिए एक छोटा सा टी आकार का इंट्रा यूटेराइन कॉन्ट्रासेप्टिव डिवाइस (आइयूसीडी) होता है, जिसे महिला के गर्भाशय में डाला जाता है।
यह केवल प्रशिक्षित चिकित्सक या अनुभवी स्टाफ़ नर्सो द्वारा महिलाओं के गर्भाशय में लगाई जाती हैं। यह प्रक्रिया लंबे समय तक काम करने वाली जनसंख्या नियंत्रण का एक रूप है।
