बिहार

महिला कांस्‍टिबल की सुंदरता ने ले ली उसकी जान

सिवान(न्यूज़ क्राइम24): सिवान में तैनात महिला सिपाही की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। क्या सच में स्नेहा ने आत्महत्या की है या फिर किसी ने उसकी हत्या कर दी। आखिर पिता क्यों कह रहे हैं कि उसकी बेटी की सुंदरता ने उसकी जान ले ली। आखिर घरवालों को शव दो दिन बाद क्यों सौंपा गया। स्नेहा ड्यूटी पर नहीं पहुंची तो किसी ने उसकी खोज क्यों नहीं की। अगर यह हत्या है तो वह कौन है जिसे बचाने के लिए पूरा मुंगेर और सिवान पुलिस ऐडी चोटी का जोर लगा रहा है। इन सारे सवालों को महिला पुलिसकर्मी स्नेहा कुमारी अपने मौत के बाद पीछे छोड़ गयी है। उसने आखिरी फेसबुक पोस्ट में क्यों लिखा था “मरने वाले तो एक दिन बिना बताए मर जाते हैं, रोज तो वो मरते हैं, जो खुद से ज्यादा किसी को चाहते हैं”। स्नेहा कुमारी अब इस दुनिया में नही हैं लेकिन ताज्जुब है की उसकी मौत की खबर विभाग को दो दिन बाद मिलती है। स्नेहा के परिवार वाले आरोप लगा रहे हैं कि उसकी हत्या हुई है और हत्या से पहले दुष्कर्म।

पुलिस ने किया अंतिम संस्कार स्नेहा का शव उसके पैतृक स्थान मुंगेर पहुंचा। परिवार वालों ने शव को पहचानने से इंकार कर दिया और जमकर हंगामा करने लगे। पुलिस ने परिजनों को हिरासत में ले लिया और जबरन स्नेहा का दाह संस्कार कराया। स्नेहा के पिता विवेकानंद मंडल का कहना है कि उनकी बेटी की जान उसकी सुंदरता ने ले ली। पिता शक जाहिर कर रहे हैं कि पुलिस विभाग का ही कोई ताकतवार है, जिसे बचाने के लिए सीवान और मुंगेर दोनों जगहों की पुलिस लगी है। स्नेहा की मौत का पता 18 अक्टूबर को लगा और परिजनों को 20 अक्टूबर को शव दिया गया।

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डीएनए टेस्ट के बाद ही मामला साफ़-

सीवान के एसपी नवीन झा का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। वहीं मुंगेर के एसपी का कहना है कि स्नेहा के शव नहीं होने की बात सामने आई है, इसलिए उसका बॉडी सैंपल लेकर डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है। शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौप दिया गया है।न्यूज़ साभार

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