शेखपुरा, उमेश कुमार : समाहरणालय के मंथन सभागार में मंगलवार को डीएम शेखर आनंद और एसपी बलिराम कुमार चौधरी की संयुक्त अध्यक्षता में अहम समीक्षा बैठक हुई। बैठक में भूमि विवाद और शराबबंदी को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए।
भूमि विवाद बना कानून-व्यवस्था की जड़
डीएम शेखर आनंद ने लंबित भूमि विवादों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “भूमि विवाद ही बाद में बड़ी कानून-व्यवस्था की समस्या बनते हैं, इसलिए इनका समय पर निपटारा जरूरी है।”
सभी अंचलाधिकारी और थानाध्यक्षों को आपसी तालमेल बढ़ाने को कहा गया। हर शनिवार थाना स्तर पर लगने वाले जनता दरबार में आने वाले आवेदनों को गंभीरता से लेने और पुराने लंबित मामलों की तुरंत जांच कर कानून सम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
शराब माफियाओं पर होगा वार
शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए डीएम-एसपी ने दो टूक कहा:
- अवैध शराब निर्माण, बिक्री और तस्करी पर ज्यादा से ज्यादा छापेमारी हो।
- जब्त शराब के विनष्टीकरण में तेजी लाई जाए ताकि थानों-मालखानों का बोझ कम हो।
बड़े बकायेदारों और अपराधियों पर शिकंजा
बैठक में राजस्व और कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए:
- बड़े बकायेदारों के खिलाफ तुरंत नीलामपत्रवाद (Certificate Case) की कार्रवाई शुरू हो।
- चिन्हित अपराधियों और वारंटियों के विरुद्ध बॉडी वारंट की तामीला सुनिश्चित की जाए।
सख्त चेतावनी
बैठक के अंत में साफ किया गया कि निर्देशों के पालन में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं होगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अपर समाहर्ता, सभी अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष और मद्य निषेध विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
