पटना, पीयूष कुमार प्रियदर्शी : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अगले वर्ष से बिहार के सभी स्कूल और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल किया जाएगा। उन्होंने यह बात रविवार को पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस समारोह में कही।

मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और उपस्थित जनसमूह के साथ योगाभ्यास किया। योग गुरु स्वामी परमतेज ने मुख्यमंत्री सहित सभी को योग कराया।
मुख्यमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु :
- योग पाठ्यक्रम में शामिल: बिहार के विद्यालयों-महाविद्यालयों में पूर्व से शारीरिक प्रशिक्षण लागू है। अब योग को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा ताकि लोग स्वस्थ एवं खुशहाल रहें।
- बिना खर्च स्वास्थ्य: योगाभ्यास स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन का सबसे सरल उपाय है। इसके लिए दवा या अन्य खर्च की जरूरत नहीं।
- मुंगेर योग का केंद्र: बिहार के मुंगेर की धरती योग का केंद्र है, जहां दुनियाभर से लोग प्रशिक्षण लेने आते हैं।
- PM के प्रयासों से वैश्विक पहचान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली। आयुष्मान भारत योजना से 50 करोड़ लोग जुड़े हैं।
- दिनचर्या में शामिल करें: मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं प्रतिदिन टहलते और योग करते हैं। सभी से 24 घंटे की दिनचर्या में योग को शामिल करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की समग्र शैली है। यह स्वस्थ एवं समृद्ध भारत का रास्ता खोलेगा। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार खेल, स्वास्थ्य एवं युवा कल्याण को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, स्वास्थ्य मंत्री निशांत एवं स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने भी संबोधित किया।
ये रहे उपस्थित :
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर, विधान पार्षद मंगल पाण्डेय, अनिल शर्मा, विधायक संजय कुमार गुप्ता, पटना महापौर सीता साहू, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, DGP विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, खेल सचिव विनोद सिंह गुंजियाल, DM कुंदन कुमार, SSP कार्तिकेय के० शर्मा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, योग प्रशिक्षक, खिलाड़ी, विद्यार्थी एवं आम नागरिक शामिल हुए।
