पटना(न्यूज़ क्राइम 24): बिहार के चार शहरों में इस साल दिवाली 2021 बिना पटाखों के मनेगी. बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद ने प्रदेश के चार शहरों में किसी प्रकार के पटाखे छोड़ने पर रोक लगा दी है. पटना, गया, मुजफ्फरपुर एवं हाजीपुर के डीएम को पत्र भेजकर निर्देशित किया गया है कि अपने-अपने जिलों में किसी भी तरह के पटाखे बेचने या फोड़ने पर सख्त रोक लगाएं.
दिवाली के पर्व को ध्यान में रखते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया है कि राज्य के कई जिलों पटना, मुजफ्फरपुर, गया एवम हाजीपुर में पटाखा बिक्री के नए लाइसेंस जारी नहीं होंगे. इसके अलावा पुराने लाइसेंस को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है. इसको लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने अधिकारियों को कार्रवाई की रिपोर्ट भी देने को कहा है. वहीं, बाकी जिलों में भी ईको फ्रेंडली पटाखे फोड़ने की अनुमति दे दी गई है, आदेश के अनुसार, अन्य जिलों में (ईको फ्रेंडली पटाखे) इसका मतलब बिना आवाज वाले पटाखा (फुलझड़ी, चरखी, महताब) दीपावली के दिन रात 8 से 10 बजे तक बजे तक फोड़े जा सकेंगे. ईको फ्रेंडली पटाखे फोड़ने की अनुमति नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की तरफ से दी गई है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल भी बिहार के तीन जिलों में पटाखों को पूरी तरह बैन किया गया था. इस बार जिन तीन जिलों को चिन्हित किया गया है उनमें तीन पिछली बार भी बैन वाली सूची में थे. इस साल हाजीपुर को इसमें जोड़ा गया है और पाबंदी लगाने के लिए डीएम और एसपी को पत्र भेजा गया है.
बता दें कि मुजफ्फरपुर पिछले साल नवम्बर महीने में अधिक प्रदूषण की मात्रा के कारण विशेष श्रेणी में रखा गया था. इसी वजह से यहां पटाखा बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. इसके अलावा पटना, गया, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर में भी इस पर रोक लगा दी गई है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी डीएम व एससपी को पत्र लिखकर निर्देश जारी किये हैं. जिसमे अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा गया है कि पिछली बार दीपावली के समय इन शहरों के वायू प्रदूषण स्तर का अध्यन किया गया था. इस दौरान ये पाया गया कि दीपावली के समय हवा में पीएम 10, पीएम 2.5, एसओटू, एनओटू के अलावा हानिकारक धातुओं की मात्रा एकदम से बढ़ जाती है।
