बलिया, (न्यूज़ क्राइम 24) बांसडीह तहसील क्षेत्र के महाराजपुर गांव में घाघरा नदी के कटान से इलाकाई लोगों में दहशत बनी हुई है किसानों की उपजाऊ भूमि को पहले ही नदी में विलीन कर चुकी ही लेकिन अब घाघरा नदी का नजर गांवों की तरफ बढ़ रही है और अब महाराजपुर का यह पुरवा नाहर छपरा का अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है नदी जिस तरह से कटान कर रही है उससे यह तो साफ हो रहा है कि अब गांवो को नही बताया जा सकता। कटान पीड़ितों ने यह आरोप लगाया कि गांव को बचाने के लिए सरकार 09 करोड़ रुपए पहले ही दे दिया था काम कराने के लिए लेकिन बाढ़ विभाग ने 17 कटर बनाकर गांव को बचाने का प्रयास किया।
लेकिन घाघरा नदी के रौद्र रूप ने 17 कटर को नदी विलीन कर दिया और गावों की तरफ बढ़ने लगी।गांव का आलम यह है कि कटान पीड़ित अपना आशियाना उजाड़कर बंधे पर जाने के लिए मजबूर है हालांकि कटान पीड़ितों ने यह बताया कि बाढ़ विभाग काम 15 अक्तूबर से बंद कर दिया है और नदी है कि लगातार कटान कर रही है यहां पर बाढ़ विभाग का कोई अधिकारी और कर्मचारी नही है यहां के सांसद और विधायक बस कमीशन के लिए घूम रह रहे है कमीशन लेंगे तो ठीक से काम नही होगा। सांसद आए थे और कह रहे है कि अधिकारी हमारी बात नही मान रहे है सांसद और विधायक अपना स्वाभिमान बेच चुके है कमीशन का भेट चढ़ चुका है हमारा गांव इस लिए कट रहा है नही तो नही कटता।
