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एम्स पटना में चिकित्सा अनुसंधान पर दो दिवसीय कार्यशाला

फुलवारीशरीफ, अजीत। एम्स पटना के जैव रसायन विभाग की ओर से एम्स देवघर के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के तकनीकी संसाधन केंद्र के सहयोग से 23 और 24 अक्टूबर को चिकित्सा अनुसंधान पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गयी. इसमें बिहार के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के 30 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. कार्यशाला का उद्देश्य वैज्ञानिक शोध को बढ़ावा देने और शोध के निष्कर्षों के आधार पर बेहतर उपचार संबंधी निर्णय लेने के लिए चिकित्सकों को प्रशिक्षित करना था। कार्यशाला एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रो. (ब्रिगेडियर) डॉ. राजू अग्रवाल के मार्गदर्शन में हुई. जैव रसायन विभाग की अध्यक्ष प्रो. साधना शर्मा आयोजन अध्यक्ष तथा एम्स देवघर के डीएचआर-टीआरसी के प्रधान अन्वेषक डॉ. शेषाद्रि रेड्डी वरिकासुवु आयोजन सचिव रहे।

प्रतिभागियों को शोध के लिए सही प्रश्न तैयार करने, वैज्ञानिक जानकारी जुटाने, शोध की योजना बनाने, आंकड़ों का विश्लेषण और शोध परिणामों की विश्वसनीयता परखने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया. एम्स देवघर के डॉ. शेषाद्रि रेड्डी वरिकासुवु, एम्स नई दिल्ली के डॉ. प्रदीप कुमार और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के डॉ. विकास धिकाव ने विशेषज्ञ के रूप में मार्गदर्शन दिया.

कार्यशाला में ग्रेड पद्धति, व्यवस्थित समीक्षा और मेटा-विश्लेषण पर भी चर्चा हुई. विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक प्रमाणों के सही आकलन से उपचार संबंधी दिशा-निर्देश तैयार करने और मरीजों के इलाज के बेहतर विकल्प चुनने में मदद मिलती है. इससे बिहार के चिकित्सा संस्थानों में अनुसंधान क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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