अररिया, रंजीत ठाकुर : जिले में कालाजार उन्मूलन कार्यक्रम के तहत दूसरे चरण का छिड़काव अभियान सोमवार से शुरू हुआ। 60 दिवसीय छिड़काव अभियान के क्रम में प्रशिक्षित कर्मी चिह्नित गांवों में डोर टू डोर जाकर कालाजार रोधी दवा सिंथेटिक पैराथायराइड का छिड़काव करेंगे। इस क्रम में कालाजार के संभावित मरीजों को चिह्नित करने का कार्य भी साथ-साथ संचालित होगा। गौरतलब है कि छिड़काव अभियान जिले के सिकटी को छोड़कर शेष 08 प्रखंडों में संचालित होगा। बीते कई सालों से सिकटी में कालाजार का कोई मामला सामने नहीं आने की वजह से सिकटी को छिड़काव अभियान से अलग रखा गया है। छिड़काव अभियान की सफलता को लेकर संबंधित कर्मियों को जरूरी प्रशिक्षण दिया गया है। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने संबंधित कर्मियों इसे लेकर जरूरी निर्देश दिये हैं।
जिले के 39 पंचायत के 39 गांवों में होगा छिड़काव
छिड़काव अभियान की जानकारी देते हुए वीडीसीओ राम कुमार ने बताया कि छिड़काव अभियान के लिये जिले के 08 प्रखंड अंतर्गत कुल 39 पंचायतों को चिह्नित किया गया है। इस क्रम में 07 लाख 6 हजार 513 घरों में कालाजार रोधी दवा का छिड़काव किया जायेगा। इससे जिले की 04 लाख आबादी लाभान्वित होगी। अभियान के क्रम में छिड़काव कर्मी चिह्नित गांवों में घर-घर जाकर दवा का छिड़काव करेंगे। अभियान से पूर्व स्थानीय लोगों को इस संबंध में जागरूक किया जायेगा। ताकि छिड़काव संबंधी कार्य में स्थानीय लोगों का भरपूर सहयोग प्राप्त किया जा सके।
जिला को कालाजार मुक्त बनाने का प्रयास निरंतर जारी
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ अजय कुमार सिंह ने बताया कि जिले में कालाजार का प्रभाव बेहद सीमित हो चुका है। विभागीय पहल व सामूहिक प्रयास का नतीजा है कि जिले में कालाजार के मामले लगातार कम हो रहे हैं। वर्ष 2025 में अब तक कालाजार के महज 01 मरीज मिले हैं। कालाजार रोधी दवा के छिड़काव को लेकर संबंधित कर्मियों को जरूरी निर्देश दिये गये हैं। चिह्नित प्रभावित गांवों में निर्धारित मापदंड के अनुरूप छिड़काव संपन्न किया जाना है। छिड़काव से पूर्व ग्रामीणों को इसे लेकर जागरूक किया जायेगा। छिड़काव अभियान के अनुश्रवण को लेकर जिला व प्रखंड स्तर पर विशेष टीम गठित किया गया है।
रोग की जांच व इलाज का नि:शुल्क इंतजाम
सिविल सर्जन डॉ केके कश्यप ने बताया कि प्रभावित इलाकों में नियमित अंतराल पर दवा के छिड़काव व जागरूकता संबंधी अभियान की वजह से जिले में कालाजार का प्रभाव बेहद सीमित हो चुका है। इसे जड़ से खत्क करने की विभागीय मुहिम जारी है। सरकारी अस्पतालों में कालाजार की जांच व इलाज का नि:शुल्क इंतजाम होने की जानकारी देते हुए उन्हेांने कालाजार संबंधी किसी तरह का लक्षण दिखने पर तत्काल जांच व इलाज को प्राथमिकता देने की अपील उन्होंने लोगों से की।
