बिहार

फुलवारीशरीफ में मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश, देसी हथियार बनाने वाला गिरफ्तार!

फुलवारीशरीफ, अजित। पटना के ग्रामीण इलाकों में अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जानीपुर थाना क्षेत्र के नगवां गांव में संचालित एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है. छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से हथियार बनाने के धंधे में शामिल एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया. उसके कब्जे से तैयार देसी कट्टा, जिंदा कारतूस, अर्धनिर्मित हथियार के पुर्जे तथा हथियार बनाने में प्रयुक्त कई उपकरण बरामद किए गए हैं. पुलिस को आशंका है कि यहां लंबे समय से देसी हथियार तैयार कर अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे. अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने के लिए जांच तेज कर दी गई है।

पटना के सिटी एसपी (पश्चिम) संकेत कुमार ने बताया कि जानीपुर थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नगवां गांव निवासी मंजूर हसन अपने घर में अवैध रूप से देसी कट्टा तैयार करने और उसे असेंबल करने का काम कर रहा है. सूचना को गंभीरता से लेते हुए तत्काल विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया. अभियान का नेतृत्व फुलवारीशरीफ पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी-2 दीपक कुमार ने किया, जबकि जानीपुर थाना पुलिस की टीम भी साथ रही।

पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से मंजूर हसन के घर की घेराबंदी कर अचानक छापेमारी की. पुलिस की कार्रवाई इतनी तेज थी कि आरोपी को भागने का मौका नहीं मिला और उसे मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया. इसके बाद जब घर की गहन तलाशी ली गई तो वहां हथियार बनाने से जुड़े कई सामान बरामद हुए. बरामद सामग्री से यह संकेत मिला कि घर में नियमित रूप से देसी हथियार तैयार करने का काम किया जा रहा था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक पूर्ण निर्मित देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, एक अर्धनिर्मित बैरल, एक मोबाइल फोन तथा हथियार बनाने और उसे आकार देने में इस्तेमाल होने वाले कई लोहे के औजार, रेती और आरी बरामद की. बरामद मोबाइल फोन को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है, क्योंकि आशंका है कि इसी के माध्यम से ग्राहकों और हथियार खरीदने वालों से संपर्क किया जाता था।

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पुलिस गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है. जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि वह कब से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था, हथियार बनाने के लिए कच्चा माल कहां से लाता था और तैयार हथियार किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे. पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास का भी सत्यापन कर रही है।

सिटी एसपी ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जाएगी. इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और हथियारों की खरीद-बिक्री का नेटवर्क किन इलाकों तक फैला हुआ है. पुलिस को उम्मीद है कि इस जांच के आधार पर अवैध हथियार तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध हथियार निर्माण और तस्करी पर रोक लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा. इस कार्रवाई को पटना पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इससे न केवल एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा हुआ है, बल्कि हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का भी महत्वपूर्ण सुराग मिला है. मामले में जानीपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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