अररिया(रंजीत ठाकुर): नरपतगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मिर्जापुर पंचायत वार्ड संख्या एक स्थित प्राथमिक विद्यालय फेकू यादव टोला का आज सोमवार को ग्रामीणों की सूचना पर संवाददाता के द्वारा समय करीब 1:45 बजे विद्यालय का जायजा लेने जब वहां पहुंचा तो देखा गया कि विद्यालय के एक रूम छोड़ कार्यालय सहित सभी कक्षा में ताला लटका हुआ है। इस बाबत वहां उपस्थित सड़क निर्माण कंपनी के लोगों से जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि एक रूम में सड़क निर्माण कंपनी के मजदूर ड्राइवर तथा अन्य सामग्री लेकर हम लोग यहीं रहते हैं। विद्यालय अभी बंद है एक शिक्षक आए थे और कुछ देर बाद चले गए।
वहीं मौके पर एक स्थानीय लोगों से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने भी बताया कि विद्यालय कई दिनों से बंद था आज एक शिक्षक आए और कुछ देर बाद यहां से चले गए हैं।
आसपास के स्थानीय लोगों से जब विद्यालय के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि विद्यालय कभी खुलते ही नहीं है, शिक्षक आते हैं इधर-उधर घूम कर चले जाते हैं।
क्या कहते हैं- प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरपतगंज:-
इस बाबत प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नरपतगंज अमीर उल्लाह से संवाददाता के द्वारा बात करने पर उन्होंने बताया कि विद्यालय खुला हुआ है विद्यालय में बच्चे सहित शिक्षक को उपस्थित रहना है। लेकिन आपके द्वारा जो सूचना मिली है,की विद्यालय में ताला लटका हुआ है शिक्षक गायब है, सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी।
यहां तक कि शिक्षक के लापरवाही के कारण विद्यालय परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जबकि सरकार के द्वारा स्वच्छता पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं फिर भी इस विद्यालय का हाल गौशाला के बराबर है। विद्यालय परिसर में ही लाखों की लागत से नल जल योजना के तहत पानी टंकी भी लगा हुआ है जो बेकार पड़ा हुआ है, चाहे सरकार जितने भी राशि समाज सुधारने में खर्च कर दें लेकिन भ्रष्टाचारियों के आगे सब बेकार है।
जबकि सरकार के द्वारा शिक्षक व शिक्षा पर करोड़ों रुपए खर्च करते हैं लेकिन सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवस्था में कोई सुधार नहीं देखने को मिल रहा है। जिससे गरीब बच्चों को पर्याप्त शिक्षा नहीं मिल पाता है। यही कारण है कि सरकार के द्वारा इतने खर्च के बावजूद भी मधुमक्खी की तरह हर गांव में प्राइवेट स्कूल खुलता जा रहा है, और शिक्षा के लिए लोग मजबूर है अपने बच्चे को शिक्षित बनाने के लिए प्राइवेट स्कूलों में नामांकन करवाने को। इसी प्रकार का स्थिति सुदूर व ग्रामीण क्षेत्रों के सभी विद्यालयों का है।
