नई दिल्ली, आशीष रंजन : राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली की चिल्ड्रन विंग्स के तत्वाधान में 30 दिवसीय बालरंगमंच कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यशाला कलाव्योम फाउंडेशन और रंगाभास नाट्यशाला के संयुक्त सहयोग से नीमच के फ्यूचर प्राइड स्कूल में संचालित हो रही है।
कार्यशाला में क्या सिखाया जा रहा है
कार्यशाला की सहनिर्देशिका एवं प्रशिक्षिका सावित्री जी बच्चों को रंगमंच के विभिन्न पहलुओं का प्रशिक्षण दे रही हैं। इसमें शामिल हैं:
- चित्रकला क्लास: अपने ड्रीम होम और ड्रीम ट्री की कल्पना करके चित्र बनाना
- थिएटर गेम्स, स्टोरी टेलिंग, वॉयस एंड स्पीच
- फोकस, गोल, एक्शन और रिएक्शन की बारीकियां
- बच्चों द्वारा खुद कहानी लिखना और इम्प्रोवाइजेशन के माध्यम से उसे मंच पर प्रस्तुत करना
वहीं कार्यशाला के निर्देशक सुशील कान्त मिश्रा बच्चों को मूवमेंट का अभ्यास करवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कैसे सभी मूवमेंट्स मिलकर एक कोरियोग्राफी का रूप लेते हैं। इसके साथ ही संगीत प्रशिक्षण, गीत लेखन और धुन में पिरोना भी सिखाया जा रहा है।
निर्देशक ने नाट्यशास्त्र में अभिनय पर लिखे श्लोकों को जीवन का मूल मंत्र मानकर अभ्यास करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक अच्छे अभिनेता के लिए पढ़ना-लिखना, जागरूक रहना, शहर-परिवार-दुनिया के इतिहास की जानकारी और साहित्य का ज्ञान होना जरूरी है। शरीर रूपी सभी टूल्स का निरंतर अभ्यास ही एक अभिनेता की असली पूंजी है।’_
बच्चों का उत्साह
कार्यशाला में प्रशिक्षार्थियों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। सभी बच्चे गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भागीदारी कर रहे हैं।
समापन समारोह
कार्यशाला का समापन 26 जुलाई 2026 को टाउन हॉल, नीमच, मध्य प्रदेश में होगा। समापन पर बच्चों द्वारा खुद लिखी और तैयार की गई प्रस्तुति मंचित की जाएगी, जिसका अभ्यास निरंतर किया जा रहा है।
