अररिया, रंजीत ठाकुर। नेपाल के सुनसरी जिले के कप्तानगंज में हुए सांप्रदायिक गोलीकांड में एक और युवक की मौत के बाद भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। इसी क्रम में मंगलवार को फारबिसगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पंकज कुमार ने फुलकाहा थाना अध्यक्ष विकास कुमार मौर्य के साथ फुलकाहा थाना क्षेत्र स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान एसडीपीओ ने सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), बिहार स्पेशल आर्म पुलिस तथा बिहार पुलिस के जवानों से सीमा की सुरक्षा व्यवस्था और गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने सीमा पर चौकसी और निगरानी को लेकर कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखने का निर्देश दिया।
सीमा पर तैनात जवान भारत-नेपाल सीमा से आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच कर रहे हैं। विशेष रूप से नेपाल से आने वाले मरीजों एवं अन्य यात्रियों के दस्तावेजों की गहन जांच के बाद ही उन्हें मानिकपुर की ओर जाने की अनुमति दी जा रही है।
एसडीपीओ पंकज कुमार ने बताया कि फुलकाहा थाना क्षेत्र के सभी अंतरराष्ट्रीय सीमा बिंदुओं पर बिहार पुलिस एवं एसएसबी की संयुक्त तैनाती की गई है। लगातार गश्त की जा रही है और सीमा से आने-जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था आगे भी इसी तरह सख्ती के साथ जारी रहेगी।
इधर, नेपाल के सुनसरी जिले के कप्तानगंज में बीते दिनों बोलबम यात्रा के दौरान हुए सांप्रदायिक विवाद में हुई गोलीबारी का असर अब भी देखने को मिल रहा है। इस घटना में करीब एक दर्जन लोगों के गोली लगने की सूचना थी, जिसमें पहले ही दो लोगों की मौत हो चुकी थी। वहीं मंगलवार को उपचाररत 22 वर्षीय रविन्द्र मेहता, पिता बिजल मेहता, निवासी कप्तानगंज वार्ड-03, ने काठमांडू टीचिंग अस्पताल में 10 दिनों तक चले इलाज के बाद दम तोड़ दिया। रविन्द्र मेहता की मौत की खबर फैलते ही नेपाल के कप्तानगंज समेत भारत-नेपाल सीमा से सटे भारतीय क्षेत्रों में भी शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना को देखते हुए सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।
