दिल्ली, सोनू कुमार : भारत और ऑस्ट्रेलिया ने स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र को बनाए रखने में क्षेत्रीय साझेदारों के साथ सहयोग बढ़ाने के महत्व की पुष्टि की है। नई दिल्ली में भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों के संवाद के दूसरे संस्करण के दौरान, दोनों देशों ने नौवहन तथा हवाई उड़ान की स्वतंत्रता के महत्व पर बल दिया और क्षेत्र में निर्बाध व्यापार तथा अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप समुद्र के अन्य वैध उपयोगों के लिए अपना मजबूत समर्थन व्यक्त किया।
बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री तथा रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने की। रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई महत्वपूर्ण प्रगति का स्वागत किया और पिछले वर्ष अक्टूबर में हुए संवाद के पहले संस्करण के बाद से बढ़े परामर्श और सहयोग पर विचार-विमर्श किया।
मंत्रालय ने कहा है कि दोनों मंत्रियों ने रक्षा तथा सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा को नवीनीकृत और सुदृढ़ करने के लिए अपने प्रधानमंत्रियों की प्रतिबद्धता को साकार करने की दिशा में हुई प्रगति का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा सहयोग में हुई प्रगति और संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप को अंतिम रूप देने के प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने भारतीय तटरक्षक बल और ऑस्ट्रेलिया के समुद्री सीमा कमान के बीच सहयोग को और बढ़ावा देने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
ऑस्ट्रेलियाई उप प्रधानमंत्री ने भारत को 2026 के ऑस्ट्रेलियाई रक्षा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया।
