वर्ष 2018 में स्कूल संचालक ने पांचवी की छात्रा के साथ किया था रेप, मौत की सजा से लोगो मे हर्ष का माहौल..!

फुलवारीशरीफ(अजित यादव): वर्ष 2018 के पटना के फुलवारीशरीफ के मित्र मंडल कॉलोनी के जिस स्कूल में पांचवी की छात्रा के साथ स्कूल संचालक द्वारा डरा धमका कर रेप की घटना को अंजाम दिया गया था उस स्कूल के संचालक अरविंद कुमार उर्फ राज सिंघानिया को अदालत ने फांसी यानी मौत की सजा सुनाई है ।इसके पिता झारखण्ड में दारोगा के पद पर रहे जबकि चाचा पटना के फुलवारी थाना में भी दरोगा रहे थे। वहीं इस खबर के फुलवारी शरीफ में पहुंचने पर इलाके में लोगों में हर्ष का माहौल रहा। अविभावकों में इस मामले में कुकर्मी स्कूल प्रिंसिपल को मौत की सजा सुनाए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया आयी है । कई अविबावको ने बताया कि लोग अपने बच्चों का भविष्य संवारने और अच्छे संस्कार के लिए स्कूल भेजते है लेकिन जहा ऐसे कुकर्मी स्कूल चलाने वाले और पढ़ाने वाले लोग शिक्षक की भूमिका में शैतान बनकर शोषन करते हैं उन्हें ऐसी ही सजा मिलनी।चाहिए.

पीड़िता की माँ ने कहा कलेजे को मिली ठंढक

पांचवीं की छात्रा से रेप के आरोपी स्कूल के प्राचार्य राज सिंघानिया उर्फ अरविंद कुमार को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद पीड़िता की मां ने कहा कि वह पहले दीघा में बच्चों को लेकर रहती थी । पैर टूट जाने की वजह से फुलवारी स्थित मायके में रहने लगी । 2017 में लोगों ने कहा कि फुलवारीशरीफ की मित्रमंडल कॉलोनी में न्यू सेंट्रल पब्लिक स्कूल अच्छा है । हमने दोनों बेटियों और एक बेटे का नाम उस स्कूल में लिखवा दिया । कहा- सरस्वती पूजा के एक दिन पहले मुझे न्याय मिला । मैं दो साल से अधिक समय तक सिर पर कफन बांध कर न्याय के लिए कोर्ट से लेकर थाने में दौड़ लगाती रही । मैं जज साहब और सरकारी वकील सुरेश बाबू को धन्यवाद देती हूं जिन्होंने इस गरीब मां को इंसाफ दिला दिया । आज मेरे दिल को ठंडक पहुंची है । केस दर्ज होने के बाद प्राचार्य धमकी दिलवाता था । उसका बाप झारखंड में दारोगा है । वह वर्दी का धौंस दिखाकर अपने लोगों से कोर्ट में मेरा फोटो व वीडियो बनवाता था । बार – बार सुलह करने के लिए दबाव बनाता था । कहता था- तुम्हारी बेटी के साथ 10 लोगों से रेप करवा दूंगा और जान से भी मरवा दूंगा । मैंने साफ कह दिया था कि भले ही मेरी जान चली जाए पर मैं अपनी बेटी को न्याय दिलाकर दम लूंगी । उन लोगों की धमकी से मैंने पटना छोड़ दिया और बच्चों को लेकर यहां से चली आई । मेरे पति कम पढ़े – लिखे हैं.

पांचवीं क्लास की नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में निजी स्कूल के प्रिंसिपल राज सिंघानिया उर्फ अरविंद कुमार को सोमवार को पटना की पॉक्सो अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है । साथ ही एक लाख का जुर्माना भी लगाया है । एडिशनल सेशन जज सह स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट अवधेश कुमार ने अरविंद को पीड़िता के साथ रेप करने में सहयोग करने पर उसी स्कूल के शिक्षक अभिषेक कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई । शिक्षक पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है । पॉक्सो कोर्ट के विशेष लोक अभियोजक सुरेश चंद्र प्रसाद ने बताया कि बिहार में पहली बार पॉक्सो एक्ट में रेप करने पर किसी को फांसी की सजा सुनाई गई है । रेप के इस केस को अदालत ने रेयरेस्ट ऑफ द रेयर माना । कोर्ट ने सरकार को पीड़िता को 15 लाख का मुआवजा देने का भी आदेश दिया.

जानकारी के अनुसार स्कूल संचालक को फांसी की सजा सुनायी गई है उसका परिवार आज भी फुलवारी में सबजपुरा के पास बिस्कुट फैक्ट्री के सामने वाले इलाके में रहता है। पटना के पॉस्को एक्ट के विशेष न्यायाधीश अवधेश कुमार ने सोमवार को दुष्कर्म के एक बड़े मामले में प्राइवेट स्कूल संचालक सह प्राचार्य राज सिंहानिया उर्फ अरविंद कुमार को फांसी की सजा सुनायी है। साथ ही एक लाख रुपये जुर्माने की सजा दी गयी है। वर्ष 2018 में जिस स्कूल में नाबालिग छात्रा के साथ प्रिंसिपल सह स्कूल संचालक अपने एक स्टाफ के साथ मिलकर कई माहीनो तक रेप करता चला आ रहा था उस स्कूल में मामला सामने आने के बाद लोगो ने आग लगा दिया था। अब जब रेप के मामले में स्कूल संचालक को फांसी की सजा सुनाई गई है तब लोगो मे चर्चा शुरू हो गयी कि जैसी कुकर्म की घटना को स्कूल प्रिंसिपल ने अंजाम दिया था उसमें उसे मौत की सजा देकर अदालत ने बड़ा सबक देने का काम किया है.

छात्रा से दुष्कर्म मामले में फैसला आने के बाद लोक अभियोजक सुरेश चंद्र ने बताया कि पीड़िता स्कूल की छात्रा थी . प्रिंसिपल द्वारा उसे डरा – धमका कर दुष्कर्म किया जाता रहा . किसी – न – किसी बहाने प्रिंसिपल छात्रा को अपने कार्यालय कक्ष में बुलाता था और दुष्कर्म करता था . करीब छह – सात बार उसने यह कुकृत्य किया . पीड़िता ने अपने बयान में यह बताया है कि प्रिंसिपल दुष्कर्म के बाद चाकू से जान मारने और वीडियो बनाने की धमकी भी देता था . इस मामले में विशेष लोक अभियोजक ने कुल छह गवाहों से गवाही करायी . कोर्ट ने प्रिंसिपल को धारा 376 और धारा 6 पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाते हुए फांसी व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनायी . जबकि दूसरे आरोपित अभिषेक कुमार को उम्रकैद व 50 हजार जुर्माने की सजा दी . छात्रा स्कूल खत्म होने के बाद उसी जगह पर चलने वाली कोचिंग में पढ़ने आती थी . इसी दौरान छात्रा को प्रिंसिपल ने हैंडराइटिंग की जांच के लिए अपने कार्यालय कक्ष में बुलाया . उसने कार्यालय कक्ष से सटा हुआ एक सीक्रेट रूम बना रखा था . वह बात करते – करते छात्रा को उसी रूम में ले गया और फिर जबरन दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया . इस दौरान प्रिंसिपल ने वीडियो भी बना ली थी और छात्रा को धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो वह उस वीडियो को वायरल कर देगा . इसके साथ ही उसे जान से मार दिया जायेगा . 11 वर्षीय छात्रा डर गयी थी और उसने अपने परिजनों को कुछ नहीं बताया.राज सिंघानिया उर्फ अरविंद बैंक पीओ की नौकरी छोड़ कर फुलवारीशरीफ में स्कूल चला रहा था . वह शादीशुदा नहीं था और उसकी उम्र मात्र 26 साल थी.

भ्रूण की डीएनए जांच से हुई थी पुष्टि इस पूरे मामले की पोल उस समय खुली जब छात्रा के शरीर में परेशानी होने लगी और बदलाव दिखने लगा . परिजनों ने उसे डॉक्टर को दिखाया और फिर गर्भवती होने की जांच करायी गयी.इसमें उसके गर्भवती होने की पुष्टि हो गयी और फिर छात्रा के बयान के बाद प्रिंसिपल की पोल खुल गयी . इसके बाद छात्रा के शरीर में मिले भ्रूण व आरोपित प्रिसिंपल के शरीर के अंश की डीएनए जांच करायी गयी.टेस्ट में यह पुष्टि हो गयी कि छात्रा के शरीर में मिला भ्रूण प्रिंसिपल का ही है . अय्याशी के लिए बनाया था सीक्रेट रूम प्रिंसिपल अरविंद सिंह ने अय्याशी के लिए ही स्कूल कार्यालय से सटे सीक्रेट रूम बनाया था . उस रूम में बेड के अलावा टीवी , फ्रिज आदि की भी व्यवस्था कर रखी थी . प्रिंसिपल हमेशा उसी रूम में अधिकतर रहता था और उसके कुछ दोस्त भी बराबर आकर बैठकी लगाते थे .

बता दें मि स्कूल संचालक सह प्रिंसिपल ने कई दूसरे छःत्राओ के साथ भी कुकर्म करने का प्रयास किया था । स्कूल में पांचवीं की छात्रा के साथ पिछले 9 महीने से स्कूल संचालक सह प्रिंसिपल और उसका अकाउंटेंट रेप कर रहे थे । उसका खुलासा उस बच्ची को दो माह का गर्भ ठहरने के बाद हुआ था जिसके बाद लड़की के परिवार वाले सन्न रह गए थे। इस।घिनौने घटना के सामने आने के बाद पीड़िता की मां ने मामला फुलवारीशरीफ थाना में दर्ज कराया था। दोनों आरोपियों प्रिंसिपल राज सिंघानिया और स्टाफ सह टीचर अभिषेक की गिरफ्तारी होने के बाद से ही स्कूल को बंद करा दिया गया था। उसके बावजूद उस स्कूल में कई सबूतों को मिटाने के लिए आग लगा दी गयी थी। जिसके बाद यह बातें खुलकर आयी थी कि रेपिस्ट स्कूल संचालक के परिवार वालों ने ही आगजनी किया था । इस मामले में गौर करने वाली बात यह भी है की रेप के मामले में मौत को सजा पाने वाले राज सिंघानिया का बचपना भी फुलवारी शरीफ थाना कैम्पस में ही बीता था । उसके चाचा नन्दलाल यादव फुलवारी शरीफ थाना में वर्षो पूर्व अस्सी नब्बे के दशक में दरोगा थे । बलात्कारी राज सिंघानिया ने फुलवारी शरीफ में ही स्कूली शिक्षा हासिल किया था और फिर मित्र मंडल कॉलोनी इलाके में अपना विद्यालय खोल रखा था । रेप के इस मामले में खुलासा हुआ था कि राज सिंघानिया ने छात्रा को उसके परिवार वालो को जान से मार देने का धमकी देकर लागतार रेप करता था । इस मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज हो जाने के बाद स्कूल में आगजनी को पुलिस अधिकारियो ने काफी गंभीरता से लिया था। रेप की इस घटना में स्पीडी ट्रायल चला कर आरोपियों को सजा दिलाने की बात भी कही गयी थी । महज दो सालों में ही रेप की घटना में मौत की सजा तो अदालत ने सुना दिया है लेकिन जिस तरह से वारदात के सामने आने के बाद उस स्कूल में आग लगाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी उसकी जांच औऱ उसमे शामिल लोगों के खिलाफ भी कड़ी करवाई की आवाज उठने लगी है.

बता दें की स्कूल में जिस नाबालिग छात्रा के साथ कुकर्म हुआ था उसका परिवार भी मित्रमंडल कॉलोनी के पास ही किराये में रहता था। मामला दर्ज हो जाने और गिरफ्तारी के बाद केस उठाने औऱ बुरे अंजाम देने समेत मैनेज करने की बातें भी सामने आई थी.

डीएनए टेस्ट में हुई थी बलात्कार की पुष्टि

छात्रा के गर्भवती होने के बाद ही पूरे मामले का खुलासा हुआ था. गर्भवती होने पर उसे पीएमसीएच में भर्ती किया गया । फिर कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद उसके गर्भ में पल रहे भ्रूण का सैंपल लिया गया । इसका डीएनए ट्रेस्ट हुआ । जो आरोपी के डीएनए से मैच कर गया । जिससे पुष्टि हो गयी कि आरोपित ने बलात्कार किया था । बाद में भ्रूण को अदालत के आदेश के बाद बाहर कराया गया.

एकाउंटेंट देताथा पहरा और प्रिंसिपल करता था दुष्कर्म

छात्रा से दुष्कर्म का मामला 19 सितंबर , 2018 को महिला थाने में दर्ज किया गया था . उस समय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रिंसिपल राज सिंघानिया उर्फ अरविंद सिंह व एकाउंटेंट अभिषेक कुमार को गिरफ्तार कर लिया था . इस मामले में जो बातें जांच में आयी थीं कि उनके अनुसार , मामला दर्ज होने के एक माह पहले से ही प्रिंसिपल स्कूल में ही दुष्कर्म की घटना को अंजाम देता था , जबकि उसका एकाउंटेंट अभिषेक कुमार कार्यालय के बाहर पहरा देता था . प्रिसिंपल छात्रा को कभी पढ़ाने तो कभी कॉपी जांच करने तो कभी हैंडराइटिंग चेक करने के लिए अकेले बुलाता और उसके साथ दुष्कर्म करता।