फुलवारीशरीफ, अजित। पटना के रामकृष्ण नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत खेमनी चक मोड़ के पास सोमवार को एक इंस्पेक्टर और कोयला कारोबारी के बीच बीच सड़क पर जमकर हंगामा और गाली-गलौज हुई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मामले से संबंधित वीडियो दिनभर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होता रहा और पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना रहा। घटना के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और तू-तू मैं-मैं होती रही, जिसे देखने के लिए मौके पर भारी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। मिली जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के मौर्यालोक के पास कोयला कारोबारी किसी काम से पहुंचे थे और अपनी गाड़ी वहीं खड़ी की थी। काम खत्म कर जैसे ही कारोबारी अपनी गाड़ी में बैठे, उसी दौरान साइबर थाने में पदस्थापित एक इंस्पेक्टर वर्दी में पहुंचे और उन्हें पकड़ लिया। कारोबारी के साथी का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने उनका मोबाइल फोन और गाड़ी की चाबी ले ली तथा केस में फंसाने की धमकी देकर करीब 50 लाख रुपए की मांग करने लगे।
बताया जाता है कि इसके बाद कारोबारी को करीब एक से दो घंटे तक शहर में घुमाया गया और इस दौरान रुपए की व्यवस्था करने के लिए उसके पार्टनर को फोन किया गया। कारोबारी के पार्टनर ने इंस्पेक्टर से बातचीत कर खेमनी चक मोड़ पर आने को कहा और शर्त रखी कि वह वर्दी में नहीं, बल्कि सादे लिबास में ही रुपए लेने पहुंचेंगे। शर्त के मुताबिक इंस्पेक्टर ने गाड़ी में ही अपनी वर्दी उतारकर झोले में रख ली और सादे कपड़े पहन लिए। इसी बीच इंस्पेक्टर के अनुसार वह टॉयलेट के लिए गाड़ी से नीचे उतरे, तभी कारोबारी अपनी गाड़ी लेकर वहां से फरार हो गया। इस दौरान कारोबारी का मोबाइल फोन इंस्पेक्टर के पास रह गया, जबकि इंस्पेक्टर की वर्दी कारोबारी के पास चली गई। दोपहर से लेकर शाम तक दोनों पक्षों के बीच समझौते की कोशिश चलती रही और अंततः शाम करीब 7 बजे खेमनी चक मोड़ पर दोनों पक्ष आमने-सामने हुए। पहले इंस्पेक्टर ने कारोबारी का मोबाइल फोन लौटाया, जिसके बाद कारोबारी ने उनकी वर्दी वापस कर दी। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान खेमनी चक मोड़ पर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा रहे। भीड़ बढ़ने के बाद दोनों पक्ष अपना-अपना सामान लेकर वहां से चले गए। इस संबंध में रामकृष्ण नगर थानाध्यक्ष राजीव कुमार ने किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार किया।
