बिहार

उद्योग विभाग के 4 महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रस्तावों को मिली कैबिनेट स्वीकृति

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार मंत्रिपरिषद ने राज्य के औद्योगिक विकास, निवेश संवर्धन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में आज 4 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है। इन निर्णयों से राज्य में निवेश को गति मिलने के साथ-साथ उद्योगों के लिए अधिक अनुकूल एवं पारदर्शी वातावरण विकसित होगा। राज्य सरकार द्वारा वैशाली जिले में विकसित किये जा रहे औद्योगिक क्षेत्र की 100 एकड़ भूमि पर राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना हेतु भारत सरकार को निःशुल्क हस्तांतरण की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है तथा उक्त के भूमि चयन पर अन्तिम निर्णय हेतु निदेशक पर्षद, आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार, बिहार, पटना को प्राधिकृत किये जाने का निर्णय लिया गया है। यह भूमि 1243.45 एकड़ में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र विस्तार योजना का हिस्सा है। NIFTEM संस्थान की स्थापना से स्थानीय युवाओं को उच्च गुणवत्ता की तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण प्राप्त होगा तथा फूड प्रोसेसिंग उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।

बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP), 2025 से प्रदत्त प्रोत्साहनों पर सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श एवं विश्लेषण के उपरांत राज्य सरकार द्वारा “बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP), 2025” की अवधि 30 जून, 2026 तक विस्तारित करने तथा BIIPP-2025 एवं BIIPP-2016 में संशोधन का निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था के अंतर्गत परियोजना कार्यान्वयन हेतु माइलस्टोन निर्धारण का प्रावधान किया गया है। साथ ही मेगा इकाइयों के लिए परियोजना लागत सीमा ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹500 करोड़ तक निर्धारित की गयी है। भूमि आवंटन नियमावली में संशोधन करते हुए BIADA द्वारा 30 वर्ष, 60 वर्ष अथवा 90 वर्ष की अवधि के लिए रियायती दरों पर भूमि आवंटन की व्यवस्था की गयी है। इससे निवेशकों को दीर्घकालिक स्थिरता प्राप्त होगी तथा औद्योगिक निवेश की निरंतरता को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्लस्टर विकास योजना में संशोधन करते हुए इसका नाम “मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्लस्टर विकास योजना” किया गया है। योजना के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय समिति को अधिक सशक्त एवं समावेशी बनाया गया है। साथ ही BIADA औद्योगिक क्षेत्रों में सामान्य सुविधा केन्द्र (CFC) की स्थापना हेतु BIADA को विशेष उपक्रम (SPV) नामित किया गया है। इससे औद्योगिक इकाइयों की उत्पादन क्षमता एवं गुणवत्ता में सुधार होगा तथा वैश्विक प्रतिस्पर्धा में राज्य के MSME क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

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पटना स्थित सिकंदरपुर बिहटा क्लस्टर में मेसर्स नीफ प्राइवेट लिमिटेड ( (नमस्ते इंडिया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा डेयरी उत्पादन इकाई की स्थापना हेतु ₹97.17 करोड़ के निजी पूंजी निवेश को स्वीकृति प्रदान की गयी है। प्रस्तावित इकाई में फुल क्रीम मिल्क, टोन्ड मिल्क, दही, छाछ एवं बटर का उत्पादन किया जाएगा। इकाई की स्थापना से राज्य में डेयरी प्रसंस्करण क्षमता बढ़ेगी तथा लगभग 170 कुशल एवं अकुशल कामगारों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा।

उद्योग विभाग के सचिव सह बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) के प्रबंध निदेशक श्री कुंदन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत ये प्रस्ताव बिहार में औद्योगिक निवेश, MSME विकास, फूड प्रोसेसिंग एवं कौशल विकास को नई गति प्रदान करेंगे। BIIPP में किए गए संशोधन तथा NIFTEM एवं डेयरी इकाई जैसी परियोजनाएं निवेशकों के लिए बेहतर औद्योगिक वातावरण तैयार करने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार एवं प्रशिक्षण के नए अवसर सृजित करेंगी। राज्य सरकार के ये निर्णय बिहार में उद्योग स्थापना, निवेश संवर्धन, कौशल विकास एवं रोजगार सृजन को नई गति प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

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