शेखपुरा, उमेश कुमार : जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने बुधवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की।
बैठक में डीएम ने घाटकुसुम्भा चिकित्सा प्रभारी की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों (MOIC) को निर्देश दिया कि केंद्रों के सभी कर्मियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति रिपोर्ट नियमित रूप से जिला कार्यालय को भेजी जाए। लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।
जमीनी हकीकत जानने के लिए डीएम ने जिले के सभी प्राथमिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों से पिछले 3 महीनों का अनुपालन प्रतिवेदन मांगा है।
रिपोर्ट में ये विवरण शामिल होंगे:
- प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या
- डॉक्टरों और सहायक कर्मचारियों की ड्यूटी पर मौजूदगी
- जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा उपकरणों की स्थिति
- सुरक्षित प्रसव की संख्या
- पोस्टमार्टम और रेफरल की रिपोर्ट, रेफर करने के कारण
बैठक में सिविल सर्जन, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम की इस सख्ती से जिले के स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली में बदलाव और आम जनता को बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद है।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि “केवल कागजी खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा, धरातल पर बदलाव दिखना चाहिए।” उन्होंने सुधार के साथ-साथ की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रशासन को देने का निर्देश दिया।
