बिहार

सीबीएसई प्रश्नपत्र मामले में जवाब से असंतुष्ट गुरुदेव श्री प्रेम ने दोबारा भेजा पत्र

फुलवारीशरीफ, अजीत। वर्ष 2025-26 की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा, विशेषकर कक्षा 10वीं के गणित प्रश्नपत्र को लेकर छात्रों और अभिभावकों में लगातार असंतोष का माहौल बना हुआ है. इसी मुद्दे को लेकर संपतचक स्थित प्रेम लोक मिशन स्कूल के निदेशक, भारतीय लोकहीत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं पर्यावरणविद् गुरुदेव श्री प्रेम ने प्रधानमंत्री कार्यालय को दोबारा पत्र भेजकर मामले में गंभीर हस्तक्षेप की मांग की है।

गुरुदेव श्री प्रेम ने अपने पत्र में कहा है कि इस वर्ष कक्षा 10वीं के गणित प्रश्नपत्र का पैटर्न पूर्व वर्षों की तुलना में काफी अलग था. उन्होंने कहा कि वर्षों से विद्यार्थी जिस प्रकार एनसीईआरटी आधारित तैयारी करते आ रहे थे, इस बार प्रश्नों का स्वरूप उससे काफी भिन्न देखने को मिला. कई प्रश्न ऐसे थे जिन्हें देखकर छात्र परीक्षा हॉल में ही असमंजस में पड़ गए। उन्होंने कहा कि सीबीएसई बोर्ड और संबंधित अधिकारी लगातार यह कहते रहे कि प्रश्न एनसीईआरटी आधारित होंगे, लेकिन परीक्षा में पूछे गए कई प्रश्नों का स्तर और प्रस्तुति विद्यार्थियों की सामान्य तैयारी से अलग था. इससे छात्रों का आत्मविश्वास प्रभावित हुआ और अभिभावकों में भी नाराजगी बढ़ी.
गुरुदेव श्री प्रेम ने कहा कि कक्षा 10वीं के छात्र बहुत कम उम्र के होते हैं और वे बोर्ड द्वारा तय पैटर्न एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार ही अपनी तैयारी करते हैं. ऐसे में अचानक प्रश्नों के स्वरूप में बड़ा बदलाव विद्यार्थियों के मानसिक दबाव और प्रदर्शन पर असर डालता है।

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उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और स्पष्टता बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र भेजकर शिकायत की गई थी. इसके जवाब में सीबीएसई की ओर से 25 जून 2022 के सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा गया कि परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद फोटोकॉपी, सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। गुरुदेव श्री प्रेम का कहना है कि उनके द्वारा उठाए गए मुख्य मुद्दों और प्रश्नपत्र के पैटर्न संबंधी चिंताओं का स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया. उन्होंने कहा कि उन्होंने एक सवाल पूछा था, लेकिन जवाब किसी दूसरे विषय पर दे दिया गया, जिससे वे संतुष्ट नहीं हैं. इसी कारण उन्होंने पुनः अपील करते हुए मामले की गंभीर समीक्षा और छात्रों के हित में उचित कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय से आग्रह किया है कि सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया, विद्यार्थियों की तैयारी के स्तर और परीक्षा पैटर्न की पारदर्शिता पर गंभीरता से विचार किया जाए ताकि भविष्य में छात्रों और अभिभावकों में इस प्रकार की नाराजगी की स्थिति उत्पन्न न हो।

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