बिहार

आईआईटी पटना में “युवा संगम फेज़-6” का भव्य शुभारंभ

बिहटा, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार और पंजाब का संबंध बहुत पुराना एवं अत्यंत आत्मीय रहा है। दोनों राज्यों के लोग मेहनती, कर्मठ और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले हैं। पंजाब के विकास में बिहार के लोगों की अहम भागीदारी रही है। वहीं धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से भी दोनों राज्यों के बीच गहरा जुड़ाव है, जिसका प्रमुख उदाहरण तख्त श्री हरिमंदिर साहिब गुरुद्वारा है।” उक्त बातें बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने “एक भारत श्रेष्ठ भारत” अभियान के अंतर्गत आयोजित “युवा संगम फेज़-6” कार्यक्रम में पंजाब से आए प्रतिनिधियों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आईआईटी पटना में कही। कार्यक्रम का शुभारंभ आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टी. एन. सिंह, डीजीपी विनय कुमार, प्रो. जिमसन मैथ्यू, डॉ. सतेंद्र कुमार, नोडल अधिकारी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टी. एन. सिंह ने मुख्य अतिथि श्री विनय कुमार को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

अपने संबोधन में प्रो. टी. एन. सिंह ने कहा कि “युवा संगम” जैसे कार्यक्रम देश की साहित्यिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की भाषा, संस्कृति, परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं एवं सामाजिक मूल्यों को निकट से समझने का अवसर प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि बिहार राज्य के लिए आईआईटी पटना को “युवा संगम” कार्यक्रम का नोडल संस्थान बनाया गया है। “युवा संगम” भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की एक महत्वपूर्ण युवा विनिमय पहल है, जिसका उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के युवाओं के बीच भावनात्मक एकता, आपसी समझ तथा राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूत करना है। उद्घाटन समारोह में हेरिटेज सोसाइटी के महानिदेशक डॉ. अनन्ताशुतोष द्विवेदी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

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इसके अलावा डीन एडमिन प्रो. ए. के. ठाकुर, डॉ. ऋषभ सिंह, डॉ. सुनील सिंह, विजय कुमार, कृपाशंकर सिंह सहित बड़ी संख्या में फैकल्टी सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंतर्गत पंजाब से आए अतिथियों को बिहार की ऐतिहासिक धरोहरों, समृद्ध संस्कृति एवं गौरवशाली विरासत से परिचित कराया जाएगा। आज प्रतिनिधिमंडल महाबोधि मंदिर (बोधगया), मंगलागौरी मंदिर एवं विष्णुपद मंदिर (गया) का भ्रमण करेगा। वहीं कल अतिथियों को नालंदा जिले के घोड़ाकटोरा झील, प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के अवशेष, नालंदा विश्वविद्यालय तथा पावापुरी जल मंदिर का भ्रमण कराया जाएगा, जिससे उन्हें बिहार की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को निकट से जानने और समझने का अवसर प्राप्त होगा।

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