बिहार

स्वस्थ व सेहतमंद जिदगी के लिये स्वच्छ पेयजल का सेवन जरूरी

अररिया(रंजीत ठाकुर): स्वस्थ व सेहतमंद जिंदगी के लिये स्वच्छ पेयजल का सेवन जरूरी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया में 70 फीसदी बीमारियों का प्रमुख कारण दूषित जल का सेवन है। नेपाल की सीमा से सटे अररिया जिले में हर साल आने वाली बाढ़ के कारण भूमिगत जल की स्वच्छता हाल के दिनों में बेहद प्रभावित हुई है। यूनिसेफ द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट से इसकी पुष्टि होती है। इसमें ये कहा गया है कि दूषित जल के सेवन की वजह से हर साल जिले की बड़ी आबादी दस्त जैसे गंभीर रोग का शिकार होती है। रिपोर्ट में अररिया को राज्य के पांच बेहद दस्त प्रभावित जिलों की सूची में शामिल किया गया है।

कोई भी हो सकता है जलजनित बीमारियों का शिकार

दूषित जल का सेवन कई गंभीर बीमारियों का कारण बनता है। सिविल सर्जन डॉ विधानचंद्र सिंह ने बताया कि जलजनित बीमारी कहीं भी किसी को भी प्रभावित कर सकती है। नवजात, कम उम्र के बच्चे, बुजुर्ग, मधुमेह, हृदय, गुर्दा आदि के गंभीर मरीजों को इसका खतरा अधिक होता है। उन्होंने कहा कि पानी में एक निर्धारित स्तर से अधिक मात्रा में लौह तत्व, फ्लोराइड व आर्सेनिक की मौजूदगी लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। पेयजल में फ्लोराइड की अधिकता से फ्लोरिस नामक रोग होता है। इससे विकलांगता का खतरा बढ़ जाता है।

दूषित जल का सेवन बनता है कई गंभीर बीमारियों की वजह

प्रदूषित पानी के सेवन व इसकी मदद से खाना पकाने पर जल जनित रोग व संक्रमण अमिबायसिस, गियाराडाइसिस, टोक्सोप्लास्मोसिस नामक रोग हो सकता है। एसीएमओ डॉ राजेश कुमार ने बताया कि दूषित पानी हेपेटाइटिश ए व ई का भी कारण बनता है। दोनों बेहद संक्रामक रोग हैं। ई कोली बैक्टीरिया दूषित भोजन के सेवन से या पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। जो हैजा, टाइफाइड बुखार का कारण बनता है। वहीं दूषित जल के सेवन से होने वाले अन्य प्रमुख बीमारियों में दस्त, पेचिश, पोलियो, मेनिन्जाइटिश सहित त्वचा में संक्रमण व आंख संबंधी संक्रामक बीमारी ट्रेकोमा जैसे रोग का नाम शामिल है। इसलिये स्वच्छ पेयजल के महत्व को समझ कर इसका नियमित सेवन हमारे लिये जरूरी है।

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कई कारणों से प्रदूषित हो रहा जल

जल की गुणवत्ता खराब होने की कई वजहें हो सकती हैं। इसमें जल स्त्रोतों में औद्योगिक अपशिष्ट का प्रवाह, मानव व पशु अपशिष्ट व रासायनिक अपशिष्ट, अनुपचारित मल सहित अन्य के संपर्क में आने से पानी की गुणवत्ता प्रभावित होती है। इसका नियमित सेवन हमें रोगग्रस्त बनाता है।

जल जनित रोग से बचाव व सावधानियां

बिल्कुल साफ, रेत व गाद मुक्त पानी का सेवन करें दिखने वाली गंदगी को हटाने के लिए इसे छान लें पानी को हल्का गर्म कर इसका सेवन करें फिल्टर, आरओ का उपयोग व इसका समुचित रखरखाव करें शौचालय के बाद व खाना खाने व बनाने से पहले हाथों की सफाई का ध्यान रखें बासी खाना व लंबे समय से फ्रिज में रखे खाना ग्रहण करने से परहेज करें
टायफाइड, हेपेटाइटिस ए, पोलियो सहित अन्य रोगों से बचाव के लिये टीकाकरण करायें।

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