पेट्रोल डीजल की बढ़ी कीमतों को जीएसटी के दायरे में लाने की पहल करे केंद्र सरकार : आप

पटना: पेट्रोल डीजल की कीमतों में बेतहाशा मूल्यवृद्धि किए जाने से नाराज आम आदमी पार्टी बिहार के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज कुमार ने प्रदेश कार्यालय पटना में प्रेस वार्ता आयोजित कर केंद्र सरकार से जनहित में पेट्रोल डीजल की कीमतों को एक राष्ट्र एक कर की नीति के तहत जीएसटी के दायरे में लाने का अनुरोध किया है। इस मामले में उन्होंने बिहार के एनडीए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को फैक्स कर जनहित में केंद्र सरकार पर दबाव बनाने का अनुरोध भी किया है।उनका कहना था कि चूंकि अभी देश के अधिकांश राज्यों में भाजपा या एनडीए गठबंधन की सरकारे है इसलिए अभी पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने में केंद्र को किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नही करना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि –” लगभग तैंतीस से पैंतीस रुपए की लागत से आज भी तैयार हो रहा रिफाइन पेट्रोल- डीजल को एक्साइज और वैट लगाकर सौ रुपए से एक सौ दस रुपए के भाव में बेचना अन्याय है। इससे मंहगाई में बेतहाशा वृद्धि हुई है। देश का मध्यमवर्गीय परिवार त्राहिमाम कर रहा है, जनता अपने आप को ठगी और शोषण का शिकार मानकर गुस्से में है जो किसी भी समय जनांदोलन का स्वरूप ले सकता है।माननीय प्रधानमंत्री जी को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना ही पड़ेगा.

प्रेस वार्ता में मौजूद महिला शक्ति प्रदेश अध्यक्षा सह पटना जिला (पूर्वी) की प्रदेश पर्यवेक्षक श्री मति उमा दफ्तुआर ने कहा की पेट्रोल डीजल की कीमतों में असाधारण वृद्धि ने बिहार जैसे गरीब प्रदेश के मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है, यातायात और माल ढुलाई के किराए में वृद्धि से मंहगाई नियंत्रित होने का नाम ही नही ले रही है।”
वार्ता के दौरान पटना जिला पंचायत चुनाव प्रभारी अरविंद कुमार पंकज ने सवाल किया है जब हमारे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान, नेपाल, श्री लंका, नेपाल हमारी रिफाइनरी से ही पेट्रोल डीजल रिफाइन कराकर पचास से साठ रुपए प्रति लीटर की दर से बेच सकते हैं तो भारत सरकार को मंहगा पेट्रोल डीजल बेचकर देश में तबाही फैलाने की क्या मजबूरी हो सकती है ??सरकारे पेट्रोल डीजल की कीमतों को बढ़ाकर अपना खजाना भरने का काम कर रही है जो गलत है.

आम आदमी पार्टी बिहार के प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री मृणाल कुमार राज ने जानकारी दी है कि आम आदमी पार्टी बिहार तेल की कीमतें बढ़ाने के खेल पर विरोध जताते हुए हस्ताक्षर अभियान चलाते हुए प्रदेश के जिला मुख्यालयों पर राज्य के आम आदमी के साथ विरोध प्रदर्शन का कार्यक्रम तय करने पर विचार कर रही है।