बीड़ी श्रमिकों ने समाहरणालय का किया घेराव, डीएम को दिया आवेदन

जमुई(मो० अंजुम आलम): बीड़ी श्रमिक मजदूरों ने गुरुवार को समाहरणालय के मुख्य द्वार पर घेराव किया साथ ही मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। इससे पूर्व जिले भर से आए सभी बीड़ी मज़दूर श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम के मैदान में इकट्ठा हुए और प्रदर्शन करते हुए समाहरणालय पहुंचे। जहां सभी मज़दूर धरना पर बैठ गए। धरना की अध्यक्षता बासुदेव राय ने की। इस दौरान बीड़ी मज़दूरों ने मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। वहीं बीड़ी मज़दूरों की मांगों में सभी बीड़ी मजदूरों का परिचय पत्र बनाया जाए, बीड़ी मजदूरों को एक हजार बीड़ी बनाने पर न्यूनतम मजदूरी 292 रुपैया प्रति हजार दिया जाए, बीड़ी मजदूरों को स्थाई इलाज हेतु बड़े अस्पताल खोला जाए तथा सभी बीड़ी श्रमिकों को पीएफ का लाभ देने की गारंटी दिया जाए आदि मांग शामिल हैं।इस मौके पर बीड़ी मजदूर नेता मधुसूदन शर्मा और भाकपा माले नेता शंभू शरण सिंह ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार लगातार किसान मजदूर विरोधी कानून बना रही है, देश के कारपोरेट घरानों को टैक्स माफ, बैंकों का कर्ज माफी कर लाखों अरबों रुपए का मुनाफा दिया जा रहा है। और 44 श्रम कानूनों में संसोधन करना मजदूरों के अधिकार पर हमला है और मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी भी नहीं दि जाती है.

आइसा के प्रदेश उपाध्यक्ष बाबू साहब एवं कंचन रजक ने कहा कि जमुई जिले में लगभग चार लाख बीड़ी मजदूर है जिसमें 85 फीसद महिलाएं हैं बीड़ी कंपनियों मजदूरों से बीड़ी बनवा कर अरबों खरबों का मालिक बना हुआ है लेकिन बीड़ी मजदूरों को मात्र 80 से 90 प्रति हजार मजदूरी मिलती है। सूखा एवं पत्ते में भी कटौती किया जाता है। इस मौके पर बीड़ी मजदूरी यूनियन के नेता मकसूदन शर्मा, भाकपा माले जिला सचिव कामरेड शंभू शरण सिंह, आइसा प्रदेश उपाध्यक्ष बाबू साहब, एक्टू जिला प्रभारी बासुदेव राय, माले नेता कंचन रजक, इंकलाबी नौजवान सभा के जिला प्रभारी जयराम तुरी, माले नेता प्रवीण पांडे, मु. हैदर, ब्रह्मदेव ठाकुर, मिठू रजक, मुन्ना बरनवाल सहित बड़ी संख्या में बीड़ी श्रमिक मज़दूर शामिल थे।