अररिया, रंजीत ठाकुर : नरपतगंज अस्पताल चौक से फुलकाहा इंडो- नेपाल सीमा सड़क के बीच मधुरा उत्तर के समीप प्रधानमंत्री योजना के तहत करीब दो करोड़ रुपये की लागत से एक माह पूर्व 26 मीटर पुल का निर्माण किया गया है। जिसके दोनों तरफ पुल निर्माण कंपनी के द्वारा 74 मीटर एप्रोच सड़क भी बनाया गया है। जिसमें बरसात आते ही सड़क ध्वस्त होने लगा है। स्थानीय लोग गुणवत्ता पर सवाल उठाने लगा है। ग्रामीण कहते हैं भारत सरकार के सहयोग से करोड़ों की लागत से पुल व सड़क का निर्माण किया जाता है। और देखते ही देखते ध्वस्त हो जाना कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार को दर्शाता है? यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि सड़क खुद बयां कर रही है।
जबकि यह सड़क भारत नेपाल सीमा सड़क से नरपतगंज मुख्यालय स्थित एन एच 27 को जोड़ने वाले सड़क है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह महत्वपूर्ण सड़क मानी जाती है। एक माह पूर्व हुई वर्षा में भी कई सड़क ध्वस्त हो गई है। जिसकी मरम्मत अब तक नहीं हो पाया है। कई बार स्थानीय लोगों के द्वारा इसकी शिकायत विभाग के अधिकारियों से की गई। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया संवेदक के लापरवाही के कारण पुल का एप्रोच ध्वस्त हुआ है।
वहीं नवाबगंज बूचड़ टोला से बथनाहा बीरपुर मार्ग में डुमरिया तक तीन वर्ष पूर्व बने सड़क में कई जगह बड़ा-बड़ा गड्ढा बन गया है। जिससे आवाजाही में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसको लेकर फुलकाहा थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने भी कार्यपालक अभियंता से मरम्मत करने की मांग की है। थानाध्यक्ष ने कहा कि गस्ती करने में काफी परेशानी होती है। वहीं फुलकाहा से लक्ष्मीपुर मार्ग में बने पुल का एप्रोच अधूरा है जहां मंगलवार की देर रात हुई वर्षा में डायवर्सन के ऊपर से पानी बहने लगा है। वाहनों को आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है। लोग आठ किलोमीटर की दूरी घूम कर आवाजाही करने पर मजबूर हैं ।
इस संदर्भ में सहायक कार्यपालक अभियंता शंभू कुमार ने बताया कि संवेदक को दो दिनों के अंदर मरम्मत कार्य करने के लिए बोला गया है और जहां भी अप्रोच नहीं बनाया गया है उसमें भी जल्द एप्रोच बनाया जाएगा।
सड़क को लेकर स्थानीय समाजसेवी सह लोजपा जिला उपाध्यक्ष रामवृक्ष पासवान ने बताया कि सड़क और पुल का निर्माण होना लगभग एक माह हुआ है। अभी मानसून पूरी तरह प्रवेश नहीं किया है। दो दिनों के बर्षा में ही सड़क टूटने लगा है। इस सड़क व पुल को वरीय अधिकारियों से जांच करने की मांग करते है। साथ ही लापरवाह संवेदक के ऊपर अनियमितता होने पर कार्रवाई करने की मांग करते हैं। बताते चले कि इस सड़क से एसएसबी, पुलिस, एम्बुलेंस एवं अन्य प्रशासनिक वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसी स्थिति में इस तरह का निर्माण कार्य कहीं ना कहीं बड़ी भ्रष्टाचार को उजागर करती है। प्रशासनिक विभाग को टीम के तहत जांच कर कार्रवाई करने की आवश्यकता है।
