बिहटा, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार की राजधानी पटना के बिहटा थाना क्षेत्र के राघोपुर पंचायत के पूर्व मुखिया संजय सिंह यादव का शव शुक्रवार सुबह बधार स्थित एक बोरिंग के पास संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी फैल गई। मृतक के परिजनों ने बताया कि बदमाशों ने पहले उनका कत्ल किया और फिर सबूत मिटाने की नीयत से लाश को सुनसान इलाके में फेंककर फरार हो गए। घटना की खबर मिलते ही मौके पर ग्रामीणों और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। गुस्साए लोगों ने सड़क पर आगजनी कर यातायात ठप कर दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। हालात बिगड़ते देख पटना सिटी एसपी पश्चिमी संकेत कुमार, दानापुर डीएसपी के नेतृत्व में बिहटा, बिक्रम , मनेर, नेउरा और आईआईटी थाना समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने-बुझाने में जुट गई। तनाव को देखते हुए पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
पटना सिटी के पश्चिमी एसपी संकेत कुमार ने बताया कि मृतक संजय सिंह के खिलाफ पहले से दर्जनों आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। पुलिस के मुताबिक वह कई मामलों में वांछित अभियुक्त थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय से फ़रार चल रहे थे। हालांकि पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे की असली वजह का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। मौके पर पहुंची एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम ने घटनास्थल से अहम साक्ष्य और अन्य सुराग जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि वारदात के पीछे पुरानी अदावत, गैंगवार या कोई अन्य आपराधिक साज़िश है। पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस का दावा है कि जल्द ही मुल्ज़िमों को बेनकाब कर लिया जाएगा।
