पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) पटना स्थित महावीर मंदिर में 29 जुलाई 2026 से प्रत्येक पूर्णिमा के अवसर पर “शिखर ध्वज-पूजा” की विशेष परंपरा का शुभारंभ किया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए यह निर्णय लिया है।
श्री महावीर स्थान न्यास समिति के सचिव सायण कुणाल ने बताया कि मंदिर की आध्यात्मिक ऊर्जा उसके शिखर पर स्थापित ध्वज में केंद्रित मानी जाती है। ध्वज का दर्शन और पूजन मंदिर के सभी देवताओं की सामूहिक उपासना के समान फलदायी माना जाता है। वर्तमान में प्रत्येक पूर्णिमा को ध्वज-पूजन कर उसे बदला जाता है, जिसमें मंदिर के पुरोहित श्रद्धालुओं के नाम और गोत्र के साथ संकल्प लेकर ध्वज का पूजन करते हैं तथा उसे दोपहर में शिखर पर स्थापित किया जाता है।
उन्होंने बताया कि अब तक वर्ष में केवल दो अवसरों—रामनवमी और हनुमान जयंती (कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी)—पर विशेष पूजा के साथ मंदिर परिसर में लगे ध्वजों को बदला जाता था। लेकिन श्रद्धालुओं के आग्रह पर अब प्रत्येक पूर्णिमा को भी इसी प्रकार की विशेष पूजा आयोजित की जाएगी। मंदिर प्रशासन के अनुसार यह पूजा मुख्य ध्वज के निकट निर्धारित वैदिक विधि से लगभग दो घंटे तक चलेगी। इसकी शुरुआत आषाढ़ पूर्णिमा, 29 जुलाई 2026 से होगी और इसके बाद प्रत्येक पूर्णिमा पर नियमित रूप से आयोजित की जाएगी। मंदिर की ओर से श्रद्धालुओं को इस विशेष पूजा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। प्रारंभिक चरण में पूजा का आयोजन मंदिर प्रशासन द्वारा किया जाएगा तथा जिन श्रद्धालुओं ने इसके लिए शुल्क जमा किया है, उनके नाम से सार्वजनिक रूप से पूजा-संकल्प कराया जाएगा।
