बिहार

2025-26 में 17,217 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 747 प्रोजेक्ट्स को मिली गति

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) उद्योग विभाग, बिहार सरकार की ओर से सोमवार को सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सभागार में प्रेस वार्ता आयोजित कर वित्तीय वर्ष 2025-26 की उपलब्धियों की जानकारी दी गई। बैठक की अध्यक्षता उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने की। इस दौरान विभाग के सचिव सह एमडी (BIADA एवं IDA) कुंदन कुमार भी मौजूद रहे। उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार का औद्योगिक विकास तेजी से आगे बढ़ रहा है और राज्य पूर्वी भारत के उभरते औद्योगिक हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने बताया कि अगले पांच वर्षों में ₹50 लाख करोड़ के निवेश और 1 करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य तय किया गया है।

निवेश और नीतिगत उपलब्धियां:

वर्ष 2025-26 में राज्य को 747 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें ₹17,217 करोड़ से अधिक निवेश का प्रस्ताव है। BIADA के माध्यम से 317 निवेशकों को 404 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिससे ₹5500 करोड़ निवेश और 22,500 रोजगार की संभावना बनी है। प्रमुख कंपनियों में Reliance Industries Limited, JK Lakshmi Cement, Mother Dairy, Aditya Birla Group और Hindustan Petroleum Corporation Limited शामिल हैं। राज्य सरकार ने निवेश को बढ़ावा देने के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025 लागू किया है, जिसमें मुफ्त जमीन, पूंजी अनुदान, ब्याज सब्सिडी और SGST रिफंड जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। साथ ही बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 को मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य को टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

औद्योगिक परियोजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर:

गया के डोभी में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कॉरिडोर के तहत 1670 एकड़ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी विकसित की जा रही है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर, बक्सर, पश्चिम चंपारण और झंझारपुर सहित कई जिलों में औद्योगिक परियोजनाएं चल रही हैं। फतुहा में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क और फिनटेक सिटी विकसित करने की योजना है, जबकि राज्य के विभिन्न जिलों में नए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।

स्टार्टअप और रोजगार:

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स्टार्टअप बिहार के तहत वर्ष 2025-26 में 109 नए स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं। अब तक कुल 1,653 स्टार्टअप्स को चयनित किया गया है, जिनमें से 1,456 को वित्तीय सहायता दी गई है। इस दौरान 692 स्टार्टअप्स को ₹27.84 करोड़ की मदद दी गई। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत अब तक 44,179 लाभुकों को ₹3,242 करोड़ से अधिक की सहायता दी गई है। वहीं PMEGP योजना के तहत 3473 लाभुकों को ऋण स्वीकृत किया गया है।

Ease of Doing Business में सुधार:

राज्य को नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) से जोड़ा गया है, जिससे निवेशकों को सभी स्वीकृतियां एक मंच पर मिल रही हैं। श्रम कानूनों में संशोधन करते हुए उद्योगों को अधिक लचीलापन दिया गया है, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

अन्य प्रमुख पहल:

हस्तकरघा, रेशम, खादी और ग्रामोद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। खादी मॉल, पटना ने वर्ष 2025-26 में ₹22 करोड़ की बिक्री दर्ज की। वहीं मधुबनी पेंटिंग से जुड़े 200 शिल्पियों को टूलकिट वितरित किए गए। उद्योग मंत्री ने कहा कि सरकार “समृद्ध उद्योग – सशक्त बिहार” के लक्ष्य के साथ राज्य में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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