बिहार

जघन्य हत्याकांड मुजफ्फरपुर के बालिका गृहकांड की याद दिलाती है : राजद

पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार प्रदेश राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, अरूण कुमार यादव, आरजू खान सहित पीड़ित परिवार के माता-पिता के साथ संववाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर के पार्वती गल्र्स हास्टल में हुए हृदयविदारक और रौंगटे खड़े देने वाली घटना के प्रति राज्य सरकार गंभीर नहीं है और स्थानीय प्रशासन इस मामले की लीपापोती करने के लिए लगातार कार्य कर रही है और अपराध में लिप्त अपराधियों को बचाने के लिए हर तरह का हथकंडा अपना रही है। इस घटना में रसुखदार लोगों की संलिप्ता है जिस कारण स्थानीय स्तर पर प्रशासन की भूमिका अपराधियों को बचाने के दिशा में अधिक दिखती है। यह दुखद और जघन्य हत्याकांड मुजफ्फरपुर के बालिका गृहकांड की याद दिलाती है।

श्री शक्ति सिंह यादव ने आगे कहा कि अत्यंत पिछड़ा और दलित की बेटी के साथ हुई घटना पर सत्तारूढ़ दल के नेता चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? जहां बंगाल की घटना पर भाजपा और जदयू लगातार लोगों के बीच हाय-तौबा मचा रही है वहीं बिहार में हुई उसी तरह की घटना पर भाजपा और जदयू के नेता चुप्पी साध लिये हैं, आखिर क्या कारण है?

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इन्होंने कहा कि पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने के प्रति राजद गंभीर है। पीडि़त परिवार को राष्ट्रीय जनता दल न्याय दिलाने के लिए इसकी सीबीआई या न्यायिक जांच कराये जाने की मांग करती है ताकि मामले को रफा-दफा नहीं किया जा सके। राज्य में हर रोज हत्या और बलात्कार की घटनाएं हो रही है और सरकार के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। राज्य में भय के वातावरण के कारण आमजन का जीना दुभर हो गया है और महिलाएं, बच्चियां अब घर, स्कूल और हाॅस्टल में भी सुरक्षित नहीं हैं। सरकार का इकबाल पूरी तरह समाप्त हो गया है।

संवाददाता सम्मेलन में मृतिका आयशा कुमारी के पिता और माता ने घटना की आपबीती सुनायी और कहा कि सारे साक्ष्य को मिटाने के लिए पुलिस ने जितनी सक्रियता दिखाई उससे स्पष्ट होता है कि अभियुक्त को बचाने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उनके पिता ने यह भी बताया कि तेजस्वी जी से जब मैं 24 अगस्त, 2024 को मिला तो उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल आपको इंसाफ दिलाने के लिए हर स्तर पर कार्य करेगा और चुप नहीं बैठेगा। इनके पिता ने यह भी बताया कि पुलिस की ओर से मामले का लीपापोती करने के लिए इसे सुसाइड बताया जा रहा है जबकि यह हत्या का मामला है। इसमें सत्तारूढ दल के एक विधायक की संलिप्ता स्पष्ट रूप से दिख रही है, जो अभियुक्त अभिषेक त्रिवेदी को बचाने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाये हुए हैं और प्रशासन इस मामले में पीडि़त परिवार को ही लगातार फंसाने की धमकी दे रहा है और कह रहा है कि यह मामला सुसाइड का, इसे आप सार्वजनिक रूप से कहिए नहीं ंतो लाठी से मारकर आपसे हम वो बात कहलवा लेंगे। इस तरह के मामले के बाद मेरा परिवार काफी डरा, सहमा हुआ है। सरकार से न्याय की उम्मीद नहीं दिखाई दे रही है। अब आप मीडिया और विपक्ष के लोग हीं सच और सच्चाई से अवगत कराकर हमें न्याय दिलायें।

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