जमुई, मो० अंजुम आलम। सदर अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती एक बंदी की तबीयत अचानक सोमवार की देर रात बिगड़ गई। उसके पेट और छाती में तेज दर्द होने लगा, फिर सदर अस्पताल में इलाज के दौरान बंदी की मौत हो गई। मृतक बंदी की पहचान गिद्धौर थाना क्षेत्र के संसारपुर गांव निवासी प्रदीप यादव के रूप में हुई है।घटना की जानकारी मृतक बंदी के परिवार वालों को हुई उसके बाद मंगलवार की सुबह परिवार वाले सदर अस्पताल पहुंचे जहां बंदी की मौत के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। परिजन का रो-रो कर बुरा हाल होने लगा। परिवार वालों के चीख और चीत्कार से सदर अस्पताल का पूरा माहौल गमगीन हो गया। जेल प्रशासन के सदर अस्पताल सुबह 11 बजे तक नहीं पहुंचे पर परिजन ने आक्रोश जता रहे हैं।
बताया जाता है कि सोमवार की दोपहर पेट व छाती में दर्द होने की शिकायत पर सुरक्षा कर्मियों के द्वारा बंदी को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था, जहां तबीयत में सुधार नहीं होने पर डाक्टर अभिषेक गौरव के द्वारा कैदी वार्ड में भर्ती किया गया था।उस वक़्त स्थिति सामान्य थी लेकिन सोमवार की देर रात अचानक उसके पेट से लेकर छाती में तेज दर्द होने लगा फिर इलाज के दौरान प्रदीप यादव की मौत हो गई।
शिवनंदन यादव व अन्य स्वजन ने बताया कि मारपीट वह एससी एसटी मामले में बेल टूटी की वजह से 14 दिसंबर को प्रदीप यादव जेल गया था। इस दौरान जेल के अंदर से पैसा की डिमांड लगातार की जा रही थी। 20 हज़ार रुपया मांगा गया था। कई बार पैसा भी भेजा गया था जिसका साक्ष्य स्क्रीन शाट उनके पास मौजूद भी हैं। इतना ही नहीं इलाज के नाम पर जेल के अंदर से विकास पांडेय नामक सख्श के द्वारा 2500 रुपया लिया गया था। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान जब प्रदीप यादव की तबीयत में सुधार नहीं हुई थी तो उन्हें पटना ले जाने के लिए भी कहा गया था लेकिन जेल कर्मी के द्वारा उन्हें पटना नहीं ले जाया गया। आगे स्वजन ने यह भी आरोप लगाया की जेल के अंदर प्रदीप यादव की पिटाई की गई है जिस वजह से उसकी मौत हुई है। फिलहाल प्रदीप की मौत के बाद अब तक कोई भी जेल प्रशासन अस्पताल नहीं पहुंचे हैं। जिससे परिवार वालों में आक्रोश व्याप्त है। बंदी की मौत के बाद देखने के लिए सदर अस्पताल में लोगों की भीड़ लगी हुई है।
