दानापुर, अजीत। राष्ट्रीय एकता शिविर बर्धा , महाराष्ट्र में भाग लेने के लिए प्रेम यूथ फाउंडेशन के स्वयंसेवकों के जत्था को फाउंडेशन के संस्थापक गांधीवादी प्रेम जी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया । अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शांति के बिना विकास संभव नही है । आप पूरी दुनिया बारूद के ढेर पर बैठा है । एटम बम बनाने की होड़ मची है । महात्मा गांधी की प्रासंगिकता दुनिया मे बढ़ी है । देश मे आये दिन जाति, धर्म,भाषा,क्षेत्र,रंग के नाम पर बाटने और लड़ाने का षड्यंत्र होते रहता है । हमे ऐसे तत्वों से सतर्क रहने की जरूरत है । भिन्नता में एकता भारत की पहचान है तो गंगा यमुनी संस्कृति हमारी शान है ।
भारत में हिन्दू ,मुसलमान, सिख,ईसाई, जैन, पारसी, वौद्ध,वहाई, युहीदी धर्म के लोग आपसी प्रेम, शांति,भाईचारा के साथ रहते है । यहाँ हर तीन किलोमीटर पर पानी और वाणी बदल जाता है । बर्धा सेवा ग्राम में महात्मा गांधी 1936 से 1946 तक सेवा ग्राम में रहकर ही आजादी की लड़ाई की रणनीति तैयार किया और देश को आजादी दिलाया है । स्वयंसेवको वापू कुटीर का भी भृमण करेगे । वहीं टीम लीडर अंशु प्रिया ने बताया कि शिविर में पूरे देश से युवा जुटेंगे जो महात्मा गांधी के विचारों से अवगत होंगे ।
शिविर में आये युवा एक दूसरे के रहन सहन, खान पान ,संस्कृति सभ्यता से अवगत होंगे वहीं महाराष्ट्र हो रहे प्रकृति कृषि एवं डिजाइन फॉर चेंज के कार्यक्रम का भी अनुभव प्राप्त करेगे । अंशु ने युवाओं से अपील किया कि जात पात और धर्म के भावना से ऊपर उठकर राष्ट्र के उत्थान के लिए आगे आये । जत्था में आधा दर्जन युवा/युवतिया शामिल है ।यह शिविर 25 से 31 दिसम्बर तक चलेगा ।
