नौबतपुर, आनंद मोहन। कुख्यात अपराधी का डायलॉग था “ जटा के हाथ में जब तक है कट्टा “ तब तक कोई हाथ नहीं लगाएगा। लेकिन एक कहावत है हर अपराधी का अंत भी तय है। राजधानी पटना से सटे नौबतपुर का कुख्यात अपराधी जटहा को गोली मार कर हत्या कर दिया गया है। हत्या, रंगदारी, गोलीबारी का आरोपी जटहा इन दिनों ज़मीन कारोबारियों से रंगदारी वसूली कर दिया था , कहीं भू – माफिया ने तो जटा सिंह को सेट नहीं कर दिया। फुलवारीशरीफ डीएसपी अभिजीत कुमार सिंह ने बताया कि मृतक अपराधी छवि का व्यक्ति था। इसके उपर दर्जनों मुकदमा पटना जिले के विभिन्न थानों में दर्ज था। पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।

डीएसपी ने बताया कि नौबतपुर थाने के शेखपुरा का रहने वाला कुख्यात अपराधी जटा सिंह उर्फ़ जटहा उर्फ़ काला नाग को चेसी गांव में गोली मारकर हत्या कर दिया गया है। नौबतपुर थानाध्यक्ष प्रशांत भरद्वाज ने बताया कि शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। सुबह जटा सिंह का शव चेसी गांव के समीप मिला है। चेसी में जटा सिंह गिरोह के कई साथी थे तो कई विरोधी भी थे।जटहा के ऊपर नौबतपुर में हत्या, रंगदारी, गोलीबारी के दर्जनों मामले दर्ज है। वही बिहटा, बिक्रम, दुल्हिनबाजार के अपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है।
जटहा के साहस का परिचय यह था कि पुलिस पर भी गोलीबारी करने से बाज नहीं आता था। दुल्हिनबाजार में रेड के दौरान गोलीबारी कर दिया था इसमें पालीगंज के तत्कालीन डीएसपी मनोज पाण्डेय बाल – बाल बचे थे। पुलिस ने जब जटहा को गिरफ़्तार किया था तो दोनाली पिस्तौल और अत्याधुनिक पिस्टल बरामद किया था। जटहा का पेशा सुपारी लेकर लोगों की हत्या करता था। नौबतपुर बाज़ार के कारोबारियों में जटहा का भय व्याप्त था। हाल ही में एक होटल में खाने के दौरान गोलीबारी कर दिया था। इन दिनों ज़मीन कारोबारियों से रंगदारी वसूली करता था और जो नही देते थे उसका विरोध करता था।
ऐसा तो नहीं कहीं ज़मीन माफिया ने कुख्यात अपराधी जटहा को सेट कर दिया। पुरी मामला पुलिस जांच में स्पष्ट होगा । अभी तक परिजनों ने कुछ नहीं बोला है लेकिन चेसी गांव में किसी के जन्मदिन पार्टी के लिए जटहा को घर से बुलाया गया था। इसी दौरान अपराधियों ने दिया घटना को अंजाम। फिलहाल नौबतपुर थानेदार पुरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। वहीं नौबतपुर वासिया ने जटहा की मौत से राहत की सांस ली है। लोगों ने कहा कि अच्छा हुआ जैसा करनी, वैसा भरनी?
