गोरखपुर(न्यूज़ क्राइम24): शारदीय नवरात्र के छठवां दिन गोरखनाथ मंदिर मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्ति मंदिर में मां कात्यायनी की पूजा की गई। ऋषि कात्यायन की पुत्री मां कात्यायनी ने ही महिषासुर का वध किया था इसलिए ही मां कात्यायनी को महिषासुर मर्दनी कहलाती हैं। गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने सुबह 4 बजे से 6 बजे तक शक्ति मंदिर में आवाहित देवी-देवताओं का पूजन किया।
इस दौरान मंदिर के प्रधान पुरोहित आचार्य रामानुज त्रिपाठी ने दुर्गा सप्तशती और देवी पुराण के परायण का पाठ किया। मॉ देवी एवं सभी देव-विग्रहो के श्रृंगार एवं षोडसोपचार पूजन के साथ भोग लगाया। शक्ति मंदिर में पूजन के दौरान ब्रह्मलीन महंत गोरक्षपीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ की खड़ाऊ का भी पूजन हुआ। तत्पश्चात आरती एवं प्रसाद वितरण हुआ।
इसके पूर्व मुख्य पुजारी योगी कमलनाथ ने मुख्य मंदिर में श्रीनाथ जी शिवावतारी गुरु गोरखनाथ का पूजन किया। अखण्ड ज्योति का दर्शन कर ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर माथा टेक आशीर्वाद लिया। शक्ति मंदिर में सम्पन्न पूजन में गोरखनाथ मंदिर सचिव द्वारिका तिवारी, विरेंद्र सिंह, डॉ अरविन्द चतुर्वेदी, डॉ रोहित मिश्र, डॉ दिग्विजय शुक्ल, पुरूषोत्तम चौबे, अरूणेश शाही, बृजेश मणि मिश्र, नित्यानन्द त्रिपाठी, शशि कुमार, शुभम मिश्रा, शशांक पांडेय, विनय गौतम समेत काफी संख्या में वेदपाठी बालक शामिल हुए।
