फुलवारीशरीफ, अजीत। ग्राम पंचायत राज कुरकुरी में मुख्यमंत्री के सहयोग शिविर के दौरान जमाबंदी पुनर्गठन, परिमार्जन प्लस तथा जमाबंदी में खाता, प्लॉट और रकबा दर्ज कराने के लिए दिए गए 65 आवेदनों के लंबित रहने का मामला सामने आया है. पंचायत के मुखिया रवि कुमार ने इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजकर लंबित आवेदनों का जल्द निष्पादन कराने की मांग की है।
मुखिया ने अपने पत्र में बताया है कि 17 जून 2026 को ग्राम पंचायत में मुख्यमंत्री द्वारा सहयोग शिविर का उद्घाटन किया गया था. शिविर में ग्रामीणों और किसानों ने जमाबंदी से संबंधित कुल 65 आवेदन जमा किए थे. उनके अनुसार, राजस्व कर्मचारी और अमीन द्वारा आवेदनों की जांच कर अभिलेख अंचल कार्यालय में जमा किए जाने के बावजूद अब तक एक भी आवेदन का निष्पादन नहीं हुआ है।
पत्र में कहा गया है कि कई जमाबंदियां मृत व्यक्तियों के नाम पर दर्ज हैं. उनके उत्तराधिकारी अपने नाम से जमाबंदी ऑनलाइन कराना चाहते हैं. इस समस्या को लेकर मुखिया ने 14 जुलाई 2026 को पत्रांक 551 के माध्यम से फुलवारी शरीफ के अंचलाधिकारी को भी जानकारी दी थी. इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
मुखिया का आरोप है कि किसानों को जमीन से संबंधित मूल कागजात लेकर अंचल कार्यालय बुलाया गया था. दस्तावेजों की जांच के साथ संबंधित मामलों की स्थलीय जांच भी की गई, लेकिन इसके बाद भी आवेदन लंबित पड़े हैं. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि के फोन का जवाब तक नहीं दिया जाता है।
पत्र में जमाबंदी पुनर्गठन से जुड़े बालेश्वर प्रसाद, संजय कुमार, सुजिन्द्र पासवान और संजू देवी समेत कई मामलों का उल्लेख किया गया है. इसके अलावा मनीष कुमार की जमाबंदी संख्या 122 और भगवान चौधरी की जमाबंदी संख्या 68 में खाता, प्लॉट और रकबा दर्ज कराने का मामला भी शामिल है. परिमार्जन प्लस से जुड़े तीन आवेदन पहचान संख्या के साथ विभाग के समक्ष भेजे गए हैं। मुखिया रवि कुमार ने प्रधान सचिव से मुख्यमंत्री के सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों का शीघ्र निष्पादन कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का समाधान होने से किसानों को अपनी जमीन से जुड़े दस्तावेजों को दुरुस्त कराने में सुविधा मिलेगी और सरकारी व्यवस्था के प्रति उनका भरोसा भी मजबूत होगा। पत्र की प्रतिलिपि पटना के जिलाधिकारी को भी भेजी गई है।
