पटना, (न्यूज़ क्राइम 24) बिहार में बाढ़ की विभीषिका से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए राष्ट्रीय लोक मोर्चा के जनप्रतिनिधियों ने संवेदनशील पहल करते हुए अपने एक माह के वेतन की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराई है। जनप्रतिनिधियों के इस मानवीय कदम की पार्टी ने सराहना करते हुए इसे सामाजिक सरोकार और जनसेवा की भावना का परिचायक बताया है।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा, बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह दिनारा विधायक आलोक कुमार सिंह, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव सह मधुबनी विधायक माधव आनंद, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सह बाजपट्टी विधायक रामेश्वर महतो तथा सासाराम विधायक स्नेहलता कुशवाहा ने अपने एक माह के वेतन की राशि मुख्यमंत्री राहत कोष में आर्थिक सहयोग के रूप में प्रदान की है।
पार्टी की ओर से कहा गया कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा के समय प्रभावित परिवारों को राहत और सहयोग की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने एक माह के वेतन का योगदान देना समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और जनसेवा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने सभी जनप्रतिनिधियों के इस संवेदनशील एवं अनुकरणीय पहल की सराहना की है। पार्टी ने कहा कि बिहार में बाढ़ से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों के सामने जीवन-यापन, आवास और आवश्यक सुविधाओं से जुड़ी गंभीर चुनौतियां उत्पन्न हुई हैं। ऐसी परिस्थिति में राहत और पुनर्वास के प्रयासों को मजबूत करना सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री राहत कोष में दिया गया यह योगदान बाढ़ प्रभावित परिवारों के राहत एवं पुनर्वास कार्यों में सहयोगी होगा। राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने आम लोगों से भी अपील की कि वे अपनी क्षमता के अनुसार बाढ़ पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे आएं और राहत एवं बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग प्रदान करें। पार्टी ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में मानवीय संवेदना और सामूहिक सहयोग ही प्रभावित परिवारों के लिए सबसे बड़ा संबल है। उक्त जानकारी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता रजनीश कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
