फुलवारीशरीफ, अजीत। ओडिशा में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले बिहार, झारखंड और उड़ीसा के मुसलमानों की सबसे बड़ी एदारा इमारत ए शरिया द्वारा व्यापक प्रशिक्षण अभियान की शुरुआत की गई है. इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों को जागरूक करना और उन्हें आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए तैयार करना है. कटक में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए इमारत ए शरिया के मुख्य नाज़िम मुफ्ती मोहम्मद सईद-उर-रहमान कासमी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एसआईआर प्रक्रिया अनिवार्य किए जाने के बाद विभिन्न राज्यों में इसे लागू किया जा रहा है और उड़ीसा में भी यह प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है.
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी नागरिक को वंचित न रहना पड़े, इसके लिए पहले से ही जागरूकता और प्रशिक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य से चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया गया है, जो उड़ीसा के विभिन्न जिलों में जाकर युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को पंद्रह दिनों तक व्यावहारिक और कानूनी प्रशिक्षण देगा. इस दौरान प्रपत्र संख्या 6, 7 और 8 के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी ताकि कोई भी व्यक्ति मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
मुफ्ती कासमी ने कहा कि इस अभियान के तहत राज्य के विभिन्न ब्लॉकों में विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, जहां प्रोजेक्टर के माध्यम से तैयार सामग्री के जरिए युवाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आगे आकर कम पढ़े-लिखे और आम लोगों की मदद करें, ताकि सभी नागरिक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और इस पहल को समयोचित तथा जनहितकारी कदम बताया.
सभी ने एक स्वर में कहा कि यह अभियान आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि इमारत ए शरिया की यह पहल पूरी तरह से गैर-राजनीतिक, सुधारात्मक और जनहित में है. इसका उद्देश्य केवल नागरिकों को जागरूक करना और उन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति सजग बनाना है। अंत में नेताओं ने उड़ीसा के लोगों, विशेषकर युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की, ताकि कोई भी नागरिक एसआईआर प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।
